- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एडीजे प्रथम कोर्ट में हुई पेशी
मथुरा (हि.स.)। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पांच सदस्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुधवार दोपहर बाद एडीजे प्रथम कोर्ट में पेशी की गई। अधिवक्ताओं द्वारा पेश किए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी। अभी तक इस मामले में जांच एजेंसी एटीएफ, नोएडा ने आरोप पत्र भी दाखिल नहीं किया है।
बुधवार दोपहर पीएफआई के सदस्य अतीकुर्रहमान, आलम, मसूद, सिद्दीकी और छात्र विंग संगठन के महासचिव रऊफ शरीफ की एडीजे प्रथम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशद्रोह के मामले में पेशी हुई। ये सभी राजद्रोह, सांप्रदायिक हिंसा और विदेशों से फंडिंग के मामले में जिला कारागार में बंद हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सूर्यवीर सिंह ने बताया अदालत ने इस मामले में तीन अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। अभी तक इन पांचों के खिलाफ जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। जांच एजेंसी को 180 दिन में आरोप पत्र दाखिल करना है। इसलिए माना यह जा रहा है कि तीन अप्रैल को अदालत में जांच एजेंसी आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
गौरतलब है कि हाथरस जाते समय यमुना एक्सप्रेस वे के मांट टोल प्लाजा पर पुलिस ने दंगा भड़काने की साजिश में पीएफआई के सदस्य अतीकुर्रहमान, सिद्दीकी कप्पन, मसूद अहमद और मोहम्मद आलम को पांच अक्टूबर, 2020 को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पीएफआई के एक और सदस्य केए राऊफ का भी नाम सामने आया। उसको एटीएफ ने केरल से गिरफ्तार कर बी वारंट पर एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडेय की अदालत में विगत माह पेश किया। तभी से पांचों जेल में हैं। इनकी न्यायिक हिरासत पर बुधवार को अदालत में वर्चुअल पेशी हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी की उपस्थिति अदालत मे दर्ज कराई गई।
