Tuesday, January 13, 2026
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इस बार 5 लाख करोड़ की बनेंगी सड़क परियोजनाएं

नितिन गडकरी की प्राथमिकता में सड़क परियोजनाएं, अर्थ जगत में उत्साह

भविष्य का प्रधानमंत्री बनना मेरा लक्ष्य नहीं, वर्तमान से संतुष्टः गडकरी

बिजनेस डेस्क

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक विशेष बातचीत में सड़क परियोजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने यह साफ कर दिया कि इस वित्त वर्ष में सड़क परियोजनाएं दोगुनी गति से आगे बढ़ेंगी और कुल लागत 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

गडकरी का यह बयान न केवल सरकार की मंशा को दर्शाता है बल्कि आगामी वर्षों में देश के ढांचागत विकास के लिए एक साहसिक संकेत भी है।

सड़क परियोजनाएं बनीं विकास का अगला इंजन
गडकरी ने स्वीकार किया कि प्रतिदिन 100 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य अभी भी बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उनका मंत्रालय लगातार सुधार और क्रियान्वयन की गति बढ़ाने के प्रयास कर रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 40 किलोमीटर सड़कें बन रही हैं, और इस संख्या को और ऊपर ले जाने की कोशिश जारी है।

उनके मुताबिक, सड़क परियोजनाएं केवल कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि क्षेत्र की मजबूती का आधार बन रही हैं।

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भारत की सड़कें अमेरिका से बेहतर?
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत की सड़कें अब अमेरिका से बेहतर हो चुकी हैं, तो गडकरी ने जोर देकर कहा कि 50 से अधिक एक्सप्रेसवे पर कार्य प्रगति पर है और जल्द ही पूरा देश ग्रीन एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे सड़क परियोजनाएं सिर्फ बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश की ग्लोबल रैंकिंग को भी मजबूत करेंगी।

झारखंड-बंगाल के मजदूरों को ई-रिक्शा से मिला सम्मान
अपने सबसे प्रिय कार्यों में उन्होंने ई-रिक्शा योजना को सबसे ऊपर रखा। झारखंड और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पहले मजदूरों को पीठ पर ढोते थे, लेकिन 2014 में शुरू हुई ई-रिक्शा योजना ने 1.5 करोड़ लोगों को शोषण से मुक्ति दिलाई। यह सड़क परियोजनाएं से इतर एक सामाजिक क्रांति थी, जिसे गडकरी ने अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।

पर्यावरणीय चिंता से आर्थिक आत्मनिर्भरता तक
पर्यावरणीय पहलू पर गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय हाइड्रोजन ईंधन सेल, एथनॉल, और आइसोब्यूटेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों पर काम कर रहा है। उन्होंने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन को 25-27 फीसद एथनॉल मिश्रण के परीक्षण का निर्देश दिया है।

गडकरी का मानना है कि सड़क परियोजनाएं के साथ यह ऊर्जा नीतियां भारत को शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की ओर तेजी से ले जाएंगी और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगी।

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भारतमाला से लेकर दिल्ली तक, हर कोने में हो रहा है काम
गडकरी ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत इस साल 1.5 लाख करोड़ रुपये की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और हर साल 2.6-2.8 लाख करोड़ की नई परियोजनाएं मंजूर हो रही हैं। वित्त वर्ष के अंत तक इसे 5 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की रणनीति बनाई गई है।

यह दर्शाता है कि सड़क परियोजनाएं अब सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इस क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है।

राजमार्ग गुणवत्ता और ठेकेदारों पर सख्ती
गडकरी ने स्वीकार किया कि कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों में गुणवत्ता की समस्याएं आई हैं, लेकिन उनके मंत्रालय ने संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यह देश की संपत्ति है और इसे किसी भी हालत में नुकसान नहीं होने देंगे।

प्रधानमंत्री बनना मेरा लक्ष्य नहींः गडकरी
गडकरी ने इस चर्चा को भी सिरे से खारिज कर दिया कि वह भविष्य के प्रधानमंत्री हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह से मोदी जी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं और उन्हें इससे अधिक कुछ नहीं चाहिए।

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