राज्यपाल की अध्यक्षता में गोरखपुर के चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह सम्पन्न
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज यहां राजभवन से गोरखपुर में आयोजित “चौरी-चौरा शताब्दी” महोत्सव के समापन समारोह में वर्चुअली प्रतिभाग किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने इस आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया। आनंदी बेन पटेल ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जबकि विद्यार्थियों में इसकी जानकारी कम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को पठन-पाठन के अलावा ऐसे स्थलों का टूर भी करना चाहिए, जिससे अपने प्रदेश के अल्प ज्ञात गौरव को जान सकें और याद रख सकें। उन्होंने इस संदर्भ में मेरठ में स्थापित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर बनी वीथिका (गैलरी) का उल्लेख भी किया और कहा कि ऐसे स्थलों पर अन्य जनपद के विद्यार्थियों को भी टूर कराया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में साल भर चले चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव की सराहना की और इस आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के अंतर्गत सम्पूर्ण प्रदेश में सक्रिय जन-सहभागिता से कराए गए कार्यक्रमों से जनसामान्य में शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति जानकारी बढ़ी है। उन्होंने अपने सम्बोधन में शहीद स्मारक चौरी-चौरा को एक प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में लोकप्रिय बनाने और इससे सम्बन्धित शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा की।
समारोह को ऑनलाइन सम्बोधित करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने गांधी के असहयोग आंदोलन के दौरान गोरखपुर में हुई चौरी-चौरा की घटना को स्वतंत्रता आंदोलन में युगान्तरकारी बताया। उन्होंने कहा कि देश-प्रेम का वह उद्वेग अभूतपूर्व था जिसने अंग्रेजी शासन को हिला दिया था। इस घटना ने पूरे देश को जगा दिया था।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने राज्यपाल द्वारा कार्यक्रम में सहभागिता पर धन्यवाद देते हुए अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में चौरी-चौरा घटना पर कार्यक्रमों की लघु फिल्म, आजादी पर काव्य पाठ तथा नृत्य नाटिका की मोहक प्रस्तुतियां भी हुईं तथा विभागों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।
उपेन्द्र
