– वर्ल्ड आर्गेनाइजेशन ऑफ स्टूडेंट एंड यूथ के सहयोग से हुआ आयोजन
लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ विश्वविद्यालय के उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय के मिशन के परिप्रेक्ष्य में अधिष्ठाता छात्र कल्याण के कार्यालय और वर्ल्ड आर्गेनाइजेशन ऑफ स्टूडेंट एंड यूथ के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति के साथ अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के एक इंटरेक्टिव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बारी-बारी से छात्रों ने कैंपस लाइफ पर अपने सुझाव रखे। कुलपति प्रोफेसर राय ने छात्रों को “संस्था, परिवेश और संबंधित मानव और सांस्कृतिक वातावरण के साथ जुड़ाव” पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान समय की आवश्यकता है और हम सभी साथ मिलकर एक बेहतर विश्व का निर्माण करने हेतु सोचें और प्रतिबद्ध हों।
इस आयोजन में मॉरीशस, ताजिकिस्तान, घाना, मलावी ,केन्या, अफगानिस्तान, मंगोलिया , यमन और नामीबिया के छात्रों ने भाग लिया और संवाद किया। संवाद के दौरान ताजिकिस्तान के नजारूव ने कहा कि यह समावेशी संस्कृति और कक्षा में वैश्विक चिंताओं पर बातचीत करने की क्षमता वाला एक जीवंत परिसर है। अफगानिस्तान की छात्रा हंगामा कोहिस्तानी ने लैंगिक न्याय और समानता की दिशा में विश्वविद्यालय के उपायों की प्रशंसा की। यमन के अब्दुल अजीज ने लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसर में शिक्षाविदों के साथ पर्यावरण संबंधी चिंता से संबंधित मुद्दों को चिह्नित किया और विश्वविद्यालय की छात्र केंद्रित गतिविधियों के लिए सभी की प्रशंसा की। केन्या के जॉन ने इस तरह की बातचीत और संचार के महत्व पर बात की। यहां पर यह उल्लेख करना उचित है कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने इस वर्ष 800 से अधिक छात्रों को आकर्षित करने के साथ एक वैश्विक उपस्थिति दर्ज की है जो लगभग तीन चार साल पहले इकाइयों में हुआ करती थी।
कार्यक्रम का आयोजन विश्व छात्र और युवा संगठन द्वारा किया गया था, जो विश्व शांति मानवीय मूल्यों और वैश्विक चिंता को बढ़ावा देने वाली संस्था है। डब्ल्यूओएसवाई वैश्विक शांति, सद्भाव और सौहार्द्र की चिंताओं पर काम कर रहा है। कार्यक्रम में यह आम अवधारणा बनी कि वैश्विक चुनौती पूर्ण मुद्दों को सहयोग और आपसी संवाद के तहत कम किया जा सकता है, जो कि भारतीय संस्कृति की विशेषता है।
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पूनम टंडन, प्रो. संगीता साहू व्यवसाय प्रशासन विभाग से, डॉ. अलका मिश्रा, प्रो. आरपी सिंह, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और आईएसए, डॉ. वरुण छाछर, डॉ. नीतू सिंह और डॉ. घनश्याम साही, प्रो. अनूप सिंह और लगभग दस देशों के छात्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया और संबंधित मुद्दों पर अच्छी तरह से संवाद किया।
उपेंद्र राय
