सोशल मीडिया में लोगों ने जताई खुशी,16 साल बाद फैसला आने पर पुरानी जख्म ताजा
वाराणसी (हि.स.)। वाराणसी में संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी करार दिए गए। आतंकी मोहम्मद वलीउल्लाह को फांसी की सजा मिलने पर लोग सोशल मीडिया के जरिये खुशी जता रहे हैं। सोमवार को गाजियाबाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने आतंकी मोहम्मद वलीउल्लाह को फांसी की सजा सुनाई है। बीते शनिवार को न्यायालय ने वलीउल्लाह को दोषी करार दिया था। काशी के लोग सात मार्च 2006 की भयावह शाम को कभी नहीं भूल सकते। जब आतंकी सिलसिलेवार विस्फोट में कैंट रेलवे स्टेशन पर 11 और श्री संकटमोचन मंदिर में सात लोगों की कुल 18 लोगों की मौत हो गई थी और 50 लोग घायल हुए थे। आतंकी हमले में घायल और मृतकों के परिजनों को लगभग 16 साल बाद न्याय मिला है। घटना के भयावह मंजर का फोटो लोग सोशल मीडिया में शेयर कर उस काले दिन को याद कर रहे है।
आतंकी विस्फोट में विशेषज्ञों को श्री संकटमोचन मंदिर में विस्फोट वाले स्थान जांच में आरडीएक्स व एल्यूमीनियम के टुकड़े मिले थे। जिससे पता चला था कि आतंकी बम बनाने के लिए कूकर का इस्तेमाल किए थे। 5 अप्रैल 2006 को इस मामले में प्रयागराज जिले के फूलपुर गांव निवासी वलीउल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हाईकोर्ट के आदेश पर इस केस की सुनवाई वाराणसी से गाजियाबाद कोर्ट में ट्रांसफर हुई थी। इस मामले में वलीउल्लाह के तीन साथी मुस्तकीम, जकारिया और शमीम आज तक पुलिस के हत्थे नही चढ़ पाये। माना जा रहा है कि तीनों पाकिस्तान भाग गये। वलीउल्लाह इस समय डासना जेल में बंद है।
श्रीधर
