मेराज अहमद के सरेंडर से मुख्तार अंसारी खेमे में बढ़ी सरगर्मी

लखनऊ(हि.स.)। मऊ से विधायक एवं बाहुबली मुख्तार अंसारी के खेमे में शनिवार सुबह से सरगर्मी तेज हो गई, जब वाराणसी के अपराधी भाई मेराज अहमद ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़े पश्चिम उत्तर प्रदेश के सफेदपोश नेताओं और अपराधिक गिरोह में भी पुलिस की गतिविधि को लेकर लुकाछिपी तेज हो गई है।
 बता दें कि मेराज अहमद जोकि पिछले वर्ष जुलाई में कुख्यात अपराधी मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। मुख्तार अंसारी गिरोह का सहयोगी मेराज मूलतः गाजीपुर का रहने वाला है और वाराणसी में दालमंडी का निवासी है। वाराणसी में मेराज पर अवैध असलहा के कारोबार से जुड़े होने का आरोप लगा था। मेराज के विरुद्ध जैतपुरा थाना में दर्ज एफआईआर में उसने खुद को सरेंडर कर दिया। 
 भाई मेराज के सरेंडर की खबर पूर्वांचल से होते हुए लखनऊ, सहारनपुर, आगरा, बागपत और गाजियाबाद तक पहुंच गई। इन जनपदों में मुख्तार अंसारी गिरोह के सफेदपोश नेताओं एवं अपराधियों में मेराज के सरेंडर होने के बाद पुलिस का भय सताने लगा। बताया जा रहा है कि भाई मेराज के सरेंडर करने से मुख्तार अंसारी गिरोह के चेहरों में कई ने अपनी लोकेशन बदली है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में फैले मुख्तार अंसारी गिरोह के लोकेशन बदलने से पूर्वांचल में बैठे गिरोह सदस्यों की भी लोकेशन की जांच पुलिस करा रही है। 
 मुख्तार अंसारी गिरोह पर शिकंजा कसने को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारियों के एक के बाद एक बैठको का दौर चला। 
 इस दौरान लखनऊ, गाजीपुर, मऊ, वाराणसी में मुख्तार अंसारी गिरोह के अवैध संपत्ति व उनके गिरोह से जड़े सदस्यों पर एक के बाद एक कार्रवाई हुई। बीते दिनों लखनऊ में प्रदीप सिंह के आवास पर छापेमारी इसी का परिणाम था। मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी के पीछे लगी एसटीएफ भी इसी का परिणाम ह

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