Monday, April 20, 2026
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 भगवान नरसिंह शोभायात्रा में भक्ति के उमंग में बरसेंगे समरसता के रंग

– होलिकोत्सव पर भगवान नरसिंह की शोभायात्रा में शामिल होंगे मुख्यमंत्री

– श्री होलिकोत्सव समिति व आरएसएस के बैनर तले बुधवार सुबह घण्टाघर से निकलेगी शोभायात्रा

गोरखपुर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी गोरखपुर के रंगोत्सव को बेहद खास बनाने वाली है। सीएम योगी के संग भक्ति के उमंग में सामाजिक समरसता के रंग बरसेंगे। घंटाघर से श्री होलिकोत्सव समिति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बैनर तले निकलने वाली भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा इसका माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में बुधवार सुबह इसका नेतृत्व करेंगे।

गोरक्षपीठ की अगुवाई वाला रंगोत्सव सामाजिक संदेश के ध्येय से विशिष्ट है। सामाजिक समरसता का स्नेह बांटने के लिए ही गोरक्षपीठाधीश्वर दशकों से होलिकोत्सव-भगवान नरसिंह शोभायात्रा में शामिल होते रहे हैं। 1996 से 2019 तक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले योगी वर्ष 2020 और 2021 के होलिकोत्सव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इसमें शामिल नहीं हुए थे। अब इस वर्ष रख बार फिर भगवान नरसिंह की शोभायात्रा सीएम के ही नेतृत्व में सामाजिक समरसता के रंगों से सराबोर होगी।

वर्ष 1944 में हुई शुरुआत

भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरुआत अपने गोरखपुर प्रवासकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख ने 1944 में की थी। हालांकि, गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की राख से होली मनाने की परंपरा इसके काफी पहले से जारी थी।

फूहड़ता दूर करने को हुई शुरुआत

नानाजी का यह अभियान यूँ ही नहीं शुरु हुआ। होली के अवसर पर होने वाली फूहड़ता दूर करने के लिए हुआ था। नानाजी के अनुरोध पर गोरक्षपीठ ने इसमें शामिल होने की हामी भरी थी। महंत अवेद्यनाथ इस शोभायात्रा में पीठ का प्रतिनिधित्व करने लगे और यह गोरक्षपीठ की होली का अभिन्न अंग बन गया।

वर्ष 1996 से जुड़े योगी आदित्यनाथ

1996 से योगी आदित्यनाथ ने इसे अपनी अगुवाई में न केवल गोरखपुर बल्कि समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता का विशिष्ट पर्व बना दिया। अब इसकी ख्याति मथुरा-वृंदावन की होली सरीखी है।

पांच किमी लम्बी होती है यात्रा

पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली शोभायात्रा में पथ नियोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता करते हैं और भगवान नृसिंह के रथ पर सवार होकर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगों में सराबोर हो बिना भेदभाव सबसे शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।

सम्मत की राख से तिलक लगा होगी होली की शुरुआत

गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के रंगपर्व की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन या सम्मत की राख से तिलक लगाने के साथ होगी। पीठाधीश्वर के साथ ही मंदिर के प्रधान पुजारी एवं अन्य साधु-संत भी होलिका दहन के भस्म से रंगोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मंदिर में फाग गीत भी गाए जाएंगे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में होली मिलन समारोह का आयोजन भी होगा।

डा. आमोदकांत

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