– संविधान में सभी लोगों को दिया बराबरी का अधिकार
कानपुर (हि.स.)। संविधान रचयिता के रुप में सभी लोगा डॉ.भीमराव अंबेडकर को जानते हैं, लेकिन गरीबों और दलितों को लेकर जो उन्होंने कार्य किये उसको कम लोग ही जानते हैं। बाबा साहब जीवन पर्यन्त दलितों और अछूतों के उत्थान के लिए कार्य करते रहे और उन्होंने संविधान में सभी को बराबरी का अधिकार भी दिया। यह बातें सोमवार को बाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस पर सपा नेताओं ने कही।
समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के तत्वाधान में भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 65वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी सपा कार्यालय में आयोजित हुई। सपा नेताओं ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला। डॉक्टर इमरान ने कहा कि बाबा साहेब ने दलितों और अछूतों के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। वह एक राजनीतिक नेता कानून विद मानव विज्ञानी शिक्षक एवं महान अर्थशास्त्री थे। उन्होंने छुआछूत के साथ साथ जाति प्रथा को समाप्त करने में अपना अहम योगदान दिया था। भारत में उनके सर्वोच्च उपलब्धियों के लिए 1990 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इस दौरान अजय यादव, दीपक खोटे, गोपाल ठाकुर, अजीत कुमार, शिवम मौर्य, अनिल चौबे आदि मौजूद रहें।
खतरे में है संविधान
डॉक्टर इमरान ने आगे बताया कि आज देश में भाजपा सरकार में देश का संविधान खतरे में है। भाजपा व कुछ फिरका परस्त ताकतें अपने निजी स्वार्थ के लिए बाबा साहेब के द्वारा लिखा संविधान से छेड़छाड़ करके देश को गुलामी की ओर ले जाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। बताया कि डॉक्टर साहेब ने संविधान में समाज के हर वर्ग को उनके अधिकार वह अपनी बात कहने का अधिकार दिया है परंतु आज देश में भाजपा सरकार आम जनता की आवाज को दबाकर हिटलर शाही में अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है।
अजय
