Saturday, April 18, 2026
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चंद्र ग्रहण पर काशी के देवालयों के कपाट बंद, शाम 6.30 बजे के बाद खुलेंगे

– श्री संकटमोचन दरबार सुबह 8.10 बजे से बंद, बाबा विश्वनाथ दरबार अपराह्न 3.30 से बंद होगा, सूतक काल प्रारम्भ

वाराणसी (हि.स.)। कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण और सूतक काल के चलते मंगलवार को सुबह से ही देवालयों के पट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद होने लगे है। श्री संकटमोचन मंदिर सुबह 8.10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। शाम को मोक्ष के बाद मंदिर खुलेगा। शहर में ग्रहण के चलते मंदिरों को अलग-अलग समय पर बंद किया जायेगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अपराह्न 3.30 से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जायेगा। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में गर्भगृह से लेकर परिसर के सभी विग्रहों के मंदिरों के कपाट तीन घंटे तक बंद रहेंगे।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर 5.10 बजे से शाम 6.19 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। इसको ध्यान में रखते हुए दोपहर 3.30 बजे से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के साथ ही अन्य सभी विग्रहों के कपाट आम दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगे। शाम को 6.30 बजे उग्रह पूजा के बाद मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जाएगा। इसी तरह अन्नपूर्णा मंदिर का कपाट ग्रहण के चलते चार घंटे के लिए बंद किया जायेगा। अन्नपूर्णा मंदिर का कपाट भी अपराह्न तीन बजे से बंद होगा।

मंदिर के महंत शंकर पुरी के अनुसार मां अन्नपूर्णा मंदिर का कपाट अपराह्न तीन बजे से शाम सात बजे तक बंद रहेगा। ग्रहण पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि चंद्रग्रहण पर सूतक काल सुबह 09.21 बजे से शुरू हो गया है। सूतक काल शाम 06.18 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्रग्रहण की शुरूआत अपराह्न 2.40 बजे से होगी। इस दौरान ग्रहण आंशिक रहेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण अपराह्न 3.47 बजे होगा।

भारत में चंद्रग्रहण शाम 5.20 बजे से दिखाई देगा। चंद्रग्रहण का मोक्षकाल शाम 06 बजकर 18 मिनट पर होगा।

श्रीधर

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