कानपुर(हि.स.)। नगर निकाय चुनाव नजदीक आते ही इन दिनों माँ गंगा की चर्चा बहुत तेजी से शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय जल शक्ति मंत्रालय विभिन्न प्रकार की योजनाओं को तैयार कर तेजी से काम कर रहा है। कानपुर शहर को क्लीन गंगा मिशन के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह दावा पूरी तरह खोखला है। गंगा में आज भी गंदा पानी गिर रहा है।
कानपुर से जुड़ा गंगा का क्षेत्र लगभग 57 किलोमीटर है। इस क्षेत्र में गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने गंगा में गिर रहे नालों को बन्द करने के लिए चार बड़े प्रोजेक्ट की मंजूरी दी है, जिसमें पहला सीसामऊ नाले का प्रोजेक्ट है। जिसकी लागत कुल 63 करोड़ निर्धारित की गई थी। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार हो चुका है और नाले को बन्द किया जा चुका है। बकरमंडी के पास स्थित नाले के पानी को रोक कर, गंगा में जाने वाले कचरे को निकालने लिए जालीनुमा बड़ा टैंक तैयार किया गया है। नाले का पूरा पानी यहां से सीधे विलगंवा स्थित एसटीपी में भेजा जा रहा है। जहां से गंदे पानी को संशोधित करने के बाद गंगा में छोड़ा जा रहा है। 13 करोड़ 40 लाख का दूसरा प्रोजेक्ट बिठूर में लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है।
तीसरा प्रोजेक्ट सीवरेज नेटवर्किंग का है, जिसमें कानपुर के सभी सीवरेज को एक साथ जोड़कर एक स्थान पर दूषित पानी को एकत्र करने के बाद उसे एसटीपी के माध्यम से संशोधित कर शुद्ध जल को गंगा में छोड़ने की योजना है। यह योजना 1430 करोड़ की है। इस पर कार्य जारी है।
चौथा प्रोजेक्ट पनकी में है जो 967 करोड़ की लागत से तैयार होगा। इसके तहत जाजमऊ में 30 एमएलडी का प्लांट तैयार किया जाएगा। इस योजना को पूरा करने के लिए 2022 का समय निर्धारित किया गया है,लेकिन यह योजना पूरी होने में समय और लग सकता है। नगर निगम के अधिकारी एवं योजना से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी दावा कर रहे हैं कि कुल 17 बड़े नालों को बन्द किया जा चुका है। अब भी दस ऐसे नाले हैं जो सीधे गंगा में गिर रहे हैं। उन्हें भी बन्द कर दिया जाएगा। गंदे पाने को एसटीपी के माध्यम से शुद्ध कर गंगा में प्रवाहित किया जाएगा।
वर्ष 2017 के बाद गंगा के जल में आया है परिवर्तन
गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से गंगा को स्वच्छ एवं अविरल बनाने के लिए केन्द्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जलशक्ति मंत्रालय बनने के बाद से गंगा पर जो भी योजनाएं बनी हैं, उसका पूरा पैसा केन्द्र सरकार खर्च कर रही है।
17 बड़े नाले हुए बन्द
मेयर प्रमिला पाण्डेय कहना है कि मां गंगा को स्वच्छ रखने के लिए लगातार प्रयास जारी है। कानपुर के मंजूर किए गए दो बड़े प्रोजेक्ट कम्पलीट हो चुके हैं। 17 बड़े नालों को बन्द कर दिया गया है। कुछ अभी बाकी है, उन पर कार्य जारी है।
खोखले हैं दावे, जांच के बाद खुलेगा भ्रष्टाचार
सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी ने कहा कि गंगा की स्वच्छता को लेकर सत्ता पक्ष के लोग दावा कर रहे हैं। वह पूरी तरह से फर्जी दावा है। आज भी गंगा में गंदा पानी सीधे छोड़ा जा रहा है।
राम बहादुर
