-गड्ढामुक्त सड़क बनाने का अभियान तेज करेगी योगी सरकार
-नये साल में जनवरी के बाद सड़कों पर उतरेंगी रोड एंबुलेंस
-पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लखनऊ समेत बड़े महानगरों में चलेगी योजना
-सड़कों की मरम्मत के साथ उसकी सुरक्षा और बचाव का भी होगा काम
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में सड़कों की सेहत सुधारने के लिए योगी सरकार अब रोड एंबुलेंस उतारने जा रही है। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को राज्य सरकार नई रफ्तार देगी। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के करीब छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत लोक निर्माण विभाग रोड एंबुलेंस तैनात करने जा रहा है। रोड एंबुलेंस की तैनाती के साथ राज्य सरकार यूपी में सड़कों का नया मानक तय करने जा रही है ।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को यहां बताया कि रोड एंबुलेंस योजना के जरिये योगी सरकार एक साथ तीन मोर्चों पर काम कर रही है। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के साथ सरकार की योजना क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर बड़े नुकसान को रोकने की है। रोड एंबुलेंस की मौजूदगी से सड़कों की नियमित सुरक्षा, सफाई और देखरेख की योजना को भी सरकार अंजाम तक पहुंचाएगी।
प्रवक्ता ने बताया कि मिक्स, जेनरेटर, समेत सड़क निर्माण से जुड़ी तमाम तकनीकी और गैंग से लैस एक रोड एंबुलेंस 40 लाख रुपये से अधिक की लागत से तैयार हो रही है। देश के किसी भी राज्य में इस्तेमाल होने वाली यह सबसे अत्याधुनिक रोड एंबुलेंस मानी जा रही है। पहले चरण के लिए योगी सरकार करीब बारह रोड एंबुलेंस तैयार कर रही है। पहले चरण में इसकी तैनाती लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के करीब छह महानगरों में की जाएगी। लोक निर्माण विभाग जनवरी के बाद रोड एंबुलेंस को सड़कों पर उतारने की तैयारी में है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रोड एंबुलेंस में सड़क मरम्मत की सभी तकनीकी सुविधाओं और मरम्मत सामग्री के साथ ही 3 से 4 कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की स्थति में खुद एंबुलेंस उसकी मरम्मत करेगी। लोगों से सूचना मिलने के आधार पर भी मौके पर पहुंच कर सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
गौरतलब है कि योगी सरकार प्रदेश भर में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान लगातार चला रही है। रोड एंबुलेंस योजना को इस दिशा में राज्य सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। यह योजना यूपी की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने की दिशा में एक नजीर बन सकती है।
