-पूरे प्रदेश के सिर्फ पांच जिलों में औसत वर्षा से ज्यादा गिरा पानी
लखनऊ(हि.स.)। जून माह में जितनी बारिश होनी चाहिए, उसकी आधी भी नहीं हुई। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गयी है। अब दो दिन से शुरू हुई बारिश ने लोगों को राहत दी है। आने वाले समय में यदि बारिश सामान्य रहती है तो खरीफ की खेती ठीक हो सकती है। अभी तक बारिश की स्थिति यह है कि सामान्य ढंग से जून माह में प्रदेश में 95.9 मिमी बारिश होनी चाहिए, जबकि अभी 44.8 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गयी है। अर्थात सामान्य वर्षा से -53 मिमी बारिश कम हुई।
यदि प्रदेश के जिलावार स्थिति देखें तो सिर्फ पांच जिलों में ही जून माह में होने वाले सामान्य औषत वर्षा से ज्यादा बारिश हुई है। वह भी दो दिनों में ज्यादा बारिश हो जाने के कारण ही इस माह का आंकड़ा पार कर गया। पूर्वी उप्र में देवरिया जिले में जून माह में सामान्य वर्षा का औससत 127.2 मिली मीटर है, जबकि इस वर्ष 154.5 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड किया गया। यह आंकड़ा सामान्य से ज्यादा होने का कारण है, बुधवार को एक दिन में ही 75.5 मिमी वर्षा हो गयी। वहां औसत वर्षा से 21 मिमी ज्यादा बारिश दर्ज की गयी है। वहीं गाजीपुर में जून माह में 119.7 मिमी वर्षा दर्ज की गयी है, जो औसत बारिश 98.2 मिमी से 22 मिमी ज्यादा है। वहां भी बुधवार को एक दिन में ही 83.4 मिमी वर्षा दर्ज होने के कारण ऐसा हुआ है। वहीं वाराणसी में 91 मिमी ज्यादा बारिश दर्ज की गयी है, जबकि पश्चिमी उप्र के बिजनौर में चार मिमी वर्षा अधिक दर्ज की गयी है। वहीं हापुड़ में जून माह में एक माह वर्षा दर्ज की गयी है।
उपेन्द्र
