लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरूण सक्सेना ने बताया कि वृक्षारोपण जन आन्दोलन-2022 में प्रदेश का पौधरोपण का लक्ष्य 35 करोड़ है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का लक्ष्य 14 करोड़ तथा अन्य विभागों का लक्ष्य 21 करोड़ है।
वन मंत्री ने गुरुवार को अरण्य भवन स्थित पारिजात सभागार में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। मंत्री डा.अरूण सक्सेना ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर उत्तर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एवं नगरीय निकाय में 15 अगस्त, 2022 तक जन सहभागिता के माध्यम से अमृत वन तैयार किये जायेंगे। अमृत वन में 750 अथवान कम से कम 75 पेड़ अवश्य लगाये जायेंगे। अमृत वन में देशी वृक्ष जैसे बरगद, पीपल, पाकड़, नीम, बेल, आंवला, आम, कटहल तथा सहजन आदि के पौधे अधिकांश लगाये जायेंगे।
सभी जिलों में शक्ति वनों की होगी स्थापना
वन मंत्री ने बताया कि प्रत्येक जनपद में महिलाओं के नेतृत्व तथा उनके सक्रिय सहयोग से शक्ति वन की स्थापना मातृ-शक्तियों के सहयोग से की जायेगी। शक्ति वनों में महिलाओं के सहयोग से ही वृक्षारोपण भी कराया जायेगा। इसके अलावा 13 जनपदों में 25 नगर वन की स्थापना की जायेगी। प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में बाल वन तथा उच्च शिक्षा व प्राविधिक शिक्षा के संस्थानों में युवा वन की स्थापना की जायेगी।
प्रदेश की पौधशालाओं में 46 करोड़ पौधे उपलब्ध
डा.अरूण सक्सेना ने बताया कि वन विभाग,उद्यान विभाग,रेशम विभाग तथा निजी पौधशालाओं में कुल 46.41 करोड़ पौधे उपलब्ध हैं। मुख्य प्रजातियां नीम,सहजन,आंवला,इमली,अर्जुन,जामुन,बेल,आम,महुआ,सागौन,,शीशम,बांस,पीपल,पाकड़ और बरगद आदि है।
वन मंत्री ने बताया कि ग्राम वासियों की आय में वृद्धि के लिए ग्राम पंचायत की भूमि पर फलदार पौधों का रोपण किया जायेगा। वृक्षारोपण में कुपोषण निवारण एवं प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने वाले पौधे जैसे बेल,आंवला,जामुन,सहजन और कटहल का रोपण किया जायेगा। वहीं वन विभाग द्वारा गंगा व 80 सहायक नदियों के किनारे पौधरोपण होगा।
बृजनन्दन
