हरदोई(हि.स.) जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया है कि आम की फसल में थ्रिप्स नामक कीट से आम उत्पादकों को बहुद नुकसान होता आया है। इस वर्ष भी आम में नयी मंजर और कली निकल रही है। भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद के रहमानखेड़ा स्थित केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से प्राप्त सलाह के अनुसार बहुत से बागों में अभी ये कलियां 1 इंच की भी नहीं हुई है पर इन पर थ्रिप्स का आक्रमण शुरू हो गया है। संस्थान के कीट वैज्ञानिक डॉ. एच.एस. सिंह और डॉ. गुडप्पा के अनुसार ये कीट कली के छिलकोें के अन्दर देखे जा सकते हैं पर इस तरह के प्रारंम्भिक कीट की पहचान किसान भाई नहीं कर पा रहे हैं और कीट नियंत्रण का काम फूल निकल आने के बाद शुरू करने की सोच रहे हैं। जो कि सामान्यतया हॉपर के लिए होता है।
ऐसे में बागान मालिकों को सलाह दी जाती हैं कि आम में निकलने वाली नई कली को खोलकर तुरन्त निरीक्षण करें। कली को खोलकर मोबाइल स्क्रीन पर रखें और हल्का सा झटका दें, बहुत सारे छोटे-छोटे भागते हुए कीड़े ही थ्रिप्स है पर इनकी संख्या अभी कम है, अगर इनको रोका नही गया तो ये जैसे जैसे तापमान बढ़ेगा और फूल विकसित होंगे, वैसे ये पूरे बाग में आनेवाले फूल और छोटे फलों को नष्ट कर देंगे। यदि ये कीट कलियों में देखे जा रहे है तो इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एस0एल0(0.3 मिली/ली0) या थिएमेथोक्सम 25 प्रतिशत डब्लू0जी0 (0.3 ग्राम/ली.) या मोनोक्रोटोफॉस 36 प्रतिशत एस0एल0(1.5 मिली/ली.) का छिड़काव करे। इससे थ्रिप्स कीट की प्रारम्भिक संख्या को रोका जा सकेगा और इस स्प्रे का असर हॉपर पर भी पडे़गा।
अम्बरीष
