बागपत (हि. स.)। जिले के बिनौली थाना क्षेत्र के बरनावा के जिला पंचायत सदस्य व परिजनों को पुलिस ने जानलेवा हमला करने के मुकदमे में हिरासत में ले लिया। रालोद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी ने थाने का घेराव कर नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। पुलिस शनिवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने ले जाने लगी तो कार्यकर्ताओं ने तीनों को छुड़ाने का प्रयास किया।
बरनावा गांव के जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी व उसके भाई व दो बेटों के खिलाफ थाने पर भाजपा नेता सतीश वाल्मीकि बरनावा ने घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, जातिसूचक शब्द कहने सहित कई धाराओं में मुक़दमा दर्ज कराया था। थाना पुलिस ने शुक्रवार की रात को जिपं सदस्य महबूब अल्वी के भाई व दो बेटों को हिरासत में ले लिया है। जिससे क्षुब्ध होकर शनिवार को रालोद कार्यकर्ता व पदाधिकारी थाने में पहुंच गए और नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए।
धरने में पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना ने कहा कि सरकार की तानाशाही का डटकर विरोध किया जाएगा। झूठे मुकदमे जब तक वापिस नहीं होंगे तब तक विरोध जारी रहेगा। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि पुलिस प्रशासन जिला पंचायत सदस्यों को झूठे मुकदमे में फंसाकर दबाव बना रहा है।
राष्ट्रीय सचिव डाक्टर कुलदीप उज्ज्वल ने कहा पुलिस प्रशासन के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहा है।
उधर, घटना से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बडौत-बिनौली मार्ग जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बता दें कि भाजपा नेता सतीश वाल्मीकि पुत्र प्रेम सिंह ने घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, मारपीट करने व जातिसूचक शब्द कहने का थाने पर जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी उसके भाई मतलूब, बेटे आदिल और राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है।
UP News : जिपं सदस्य व परिजनों को छुड़ाने का प्रयास, प्रदर्शन कर लगाया जाम
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