-मकर संक्रान्ति पर मंझे के बढ़ते प्रयोग और सड़क दुर्घटना को देख जन जागरूकता अभियान
वाराणसी (हि.स.)। मकर संक्रान्ति पर्व के पहले से ही शहर में पंतगबाजी में चाइनीज मंझों के प्रयोग और इससे पशु-पक्षियों के साथ राहगीरों के घायल होने की बढ़ रही घटनाओं को लेकर सामाजिक संगठन भी संजीदा है। सोमवार को सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के बैनर तले भैरवनाथ स्थित श्री वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें छात्राओं ने भी जमकर भागीदारी की।
छात्राओं ने प्रधानाचार्य डॉ. मुक्ता पाण्डेय के नेतृत्व में हाथ में पतंग लेकर इसके बहिष्कार की अपील की। छात्राओं ने चाइना भगाओ, जान बचाओ, भईया मेरे याद रखना, चाइनीज मंझे का बहिष्कार करना आदि नारों के साथ लोगों को जागरूक भी किया।
इस दौरान प्रधानाचार्य ने कहा कि आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए बच्चों के साथ युवाओं में भी पतंग उड़ाने का शौक वर्षों से चला आ रहा है। मगर अब यही शौक विगत कुछ वर्षों से अब घातक सिद्ध होने लगा है। उन्होंने कहा कि जबसे चाइनीज मंझे ने बाजार में अपना पांव पसारा देशी मंझे के मुकाबले सस्ता एवं ब्लेड की धार की तरह मजबूत होने से पतंग उड़ाने के शौकीन बच्चों की पसंदीदा मंझा बन गया है। न्यायालय की रोक के बावजूद दुकानदार इसको चोरी-छिपे भारी मुनाफा के चक्कर में बेच लोगों के जान से खिलवाड़ कर रहे है।
क्लब के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, संरक्षक समाजसेवी विजय कपूर ने कहा कि पूर्व में कई लोगों को घायल एवं कई लोगों का जान लेने वाला कातिल मंझा फिर बिक रहा है। जनहित को देखते हुए इस पर रोक लगाना नितांत आवश्यक है।
