मेघालय के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर किया राजा रघुवंशी हत्याकांड का खुलासा, तीन गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक ढाबे पर बेहोशी की हालत में पाई गई राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली। पत्नी के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि राजा रघुवंशी की हत्या उनकी नव विवाहिता पत्नी सोनम ने ही कराई थी। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में शामिल तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी अभी भी फरार है। इस बीच राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में खुद को पुलिस के हवाले कर दिया है।
इससे पहले मेघालय के डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार सुबह बताया कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या कथित तौर पर मेघालय में हनीमून के दौरान उनकी पत्नी की ओर किराए पर बुलाए गए लोगों ने की। उन्होंने बताया कि पत्नी सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि तीन अन्य हमलावरों को रात भर की छापेमारी में गिरफ्तार किया गया।
बताते चलें कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी। इसके बाद दोनों 20 मई को गुवाहाटी में मां कामाख्या के दर्शन के बाद 23 मई को हनीमून मनाने के लिए शिलॉन्ग गए थे। उस दिन राजा ने एक गाइड से डबल डेकर ब्रिज घूमने के लिए कहा था। गाइड के साथ बातचीत में राजा रघुवंशी ने बताया था कि उन्होंने कॉफी पी थी, लेकिन वह अच्छी नहीं थी, इसलिए उन्होंने उसे फेंक दिया और अब वे केले खा रहे हैं।
यह बातचीत रात करीब 1 बजकर 43 मिनट पर हुई थी, इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद दोनों 23 मई को लापता हो गए। इसके बाद पूरे परिवार में चिंता फैल गई थी। इस घटना ने सबको हैरान कर दिया था। लेकिन पुलिस जांच में अब यह बात सामने आ गई है कि सोनम ने राजा की हत्या की साजिश रची थी।
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गाजीपुर जिले की पुलिस ने बताया कि सोनम को रात करीब दो बजे नंदगंज के काशी ढाबा पर उस बेहोशी की हालत में पाया गया था। इसके बाद थाना प्रभारी को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में पुष्टि हुई कि यह वही सोनम रघुवंशी है, जो अपने पति राजा रघुवंशी के साथ शिलांग में लापता हुई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान सोनम ने अपने भाई गोंविद को कॉल करने के लिए ढाबे वाले से कहा था। उसके बाद गोंविद ने अपने परिचित को वहां भेजा, जिसने सोनम से फोन पर बात भी की। इस दौरान सोनम ने खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
गाजीपुर एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सोनम फिलहाल मानसिक और शारीरिक रूप से थकी हुई है, इसलिए अभी वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। उसे गाजीपुर के वन स्टॉप सेंटर में महिला पुलिस की निगरानी में रखा गया है। एसपी ने यह भी बताया कि इस केस का संबंध मेघालय से जुड़ा होने के कारण जब तक वहां की पुलिस नहीं पहुंचती, गाजीपुर पुलिस कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकती।
शिलांग के एक गाइड अल्बर्ट पैड ने घटना की जांच कर रही पुलिस को बताया था कि जिस दिन राजा रघुवंशी और सोनम लापता हुए थे, उस दिन उनके साथ तीन अन्य युवक भी थे। ये युवक आपस में हिंदी में बातचीत कर रहे थे। परिणाम स्वरूप गाइड को उनकी बात समझ में नहीं आई क्योंकि वह केवल खासी और अंग्रेजी भाषा जानता है। गाइड ने कहा कि वे चारों रात में शिपारा होम स्टे में रुके थे और अगले दिन बिना किसी गाइड के वापस लौट गए थे।
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राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने बताया कि राजा और सोनम का मोबाइल 24 मई से बंद था। उन्होंने और सोनम के भाई गोंविद ने इंदौर से भोपाल और फिर दिल्ली होते हुए गुवाहाटी पहुंचकर खोजबीन शुरू की। वहां से वे शिलांग और फिर सोरा इलाके में पहुंचे, जहां राजा की किराए की मोपेड मिली थी। हालांकि स्थानीय पुलिस उनकी मदद नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि सोरा एक ग्रामीण क्षेत्र है, जहां न तो पुलिस की उपस्थिति पर्याप्त है और न ही सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
राजा के भाई ने बताया कि खोजबीन के दौरान उन्हें मोपेड किराए पर देने वाला अनिल मिला। वह उस स्पॉट पर ले गया, जहां राजा की किराए की मोपेड मिली थी। इसके बाद उसी मोपेड से सोरा थाने पहुंचे। यहां 8 पुलिस वाले ही हैं। उनके पास हथियार भी नहीं। इनमें से एक ने भी हमारी बात नहीं सुनी। हमें नसीहत दी कि और ढूंढिए, मिल जाएंगे। हम अगले दिन सुबह से फिर उनकी तलाश में जुट गए। कुछ लोगों को फोटो दिखाए।
पूछताछ करते-करते सोरा के होटल तक पहुंचे। होटल के मैनेजर ने बताया कि दोनों सुबह 5.30 बजे चेक आउट कर चले गए। हमें यहीं शक हुआ कि कोई कपल कहीं घूमने आया है और उसकी नई शादी हुई है, वह सुबह 5.30 कैसे चेकआउट कर सकता है। होटल के बाद हम सोरा थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने केस दर्ज करने के बजाय शिकायती आवेदन ले लिया। वे सर्चिंग के नाम पर कुछ लोगों से पूछताछ कर रहे थे। हमें यहां के दुकानदारों ने अलर्ट कर दिया था। शिलॉन्ग में किसी तरह का खतरा नहीं, लेकिन सोरा में रुकना खतरे से खाली भी नहीं।
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दरअसल, शिलॉन्ग से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर सोरा ग्रामीण इलाका है। यहां के लोग पहाड़ियों में रहते हैं। इसी रास्ते से पर्यटक डबल डेकर ब्रिज के लिए जाते हैं। यहां करीब 4 हजार सीढ़ियां उतरकर होटल हैं। जहां सुरक्षा के नाम पर न गार्ड है, न पुलिस। यहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। विपिन ने बताया कि दो दिन बाद जब सीएम डॉ. मोहन यादव और सांसद शंकर लालवानी के साथ प्रदेश की तरफ से मेघालय सरकार से बात की गई तो वहां सर्चिंग और अन्य चीजों में मदद मिली।
विपिन ने बताया कि हमने शिलॉन्ग में कई लोगों से बात की। उनके मुताबिक सोरा में लोकल गैंग ही वारदातें करती हैं। शिलॉन्ग, सोरा और आसपास के इलाकों में 80 प्रतिशत पर्यटक आसपास के प्रदेश और शहरों से आते हैं। उनके साथ कभी वारदात नहीं होती है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और विदेशों से आने वाले पर्यटक ही अधिकतर वहां हादसे का शिकार हुए हैं। उनके साथ लूटपाट भी होती है लेकिन वह शिकायत नहीं करते हुए सीधे निकल जाते हैं। यहां की पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती।
इस बीच मेघालय के मुख्यमंत्री ने खुलासा किया है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड प्रकरण में तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनका मध्य प्रदेश से संबंध है। एक आरोपी अभी फरार है। जांच जारी है। राजा के परिवार ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले। इस वारदात ने इंदौर और मेघालय दोनों जगह हड़कंप मचा दिया है।
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राजा रघुवंशी और सोनम की शादी दोनों के मांगलिक होने की वजह से हुई थी। दोनों परिवार दो माह पहले ही एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। कुंडली में गुण अच्छे मिले, तो परिवार के लोगों ने जल्द शादी करने का निर्णय लिया। सोनम पहले प्लायवुड कंपनी में एचआर के पद पर काम कर रही थी। दोनों ने एक-दूसरे को पसंद किया। इसके बाद शादी की प्लानिंग हुई। राजा तीन भाइयों में सबसे छोटा है।
राजा रघुवंशी का पूरा परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। राजा के परिजनों ने बताया कि हनीमून पर जाने की प्लानिंग सोनम की ही थी। उसने ही टिकट बुक किए और पैकिंग भी की। वैसे तो राजा देश में कई जगह घूमा, पर कामाख्या देवी जाना नहीं हुआ था। इसलिए वह जाने के लिए राजी हो गया।
