चार साल से मौसेरी सास और दामाद में चल रहा था इश्क
अब न्याय पाने के लिए दर-दर भटकर रही है बहन की बेटी
संवाददाता
गोंडा। मौसेरी सास के इश्क में अंधे दामाद ने रिश्तों की मर्यादा और समाज की नैतिकता को झकझोर दिया। वह अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को अकेला छोड़ मौसेरी सास के साथ फरार हो गया। उसके प्रेम प्रसंग की सच्चाई खुलने के बाद अब पीड़ित महिला गोंडा से लेकर लखनऊ तक इंसाफ की भीख मांग रही है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका है।
निकाह के बाद प्यार की जगह मिली बेवफाई
जिले के धानेपुर क्षेत्र की मूल निवासी पीड़िता के अनुसार, उसका निकाह एक नवंबर 2017 को बहराइच जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र निवासी इरफान नाम के युवक से मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। शादी के बाद दोनों लखनऊ में किराए के मकान में रहने लगे। महिला गृहिणी बनी और इरफान ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। शादी के कुछ सालों में ही दोनों को एक बेटा (6 वर्ष) और दो बेटियां (5 व 4 वर्ष) हुईं। लेकिन इस हंसते-खेलते परिवार को उस समय ग्रहण लग गया जब इरफान की नज़र अपनी पत्नी की मौसी पर पड़ी यानि अपनी मौसेरी सास पर।
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मौसी की मासूमियत के पीछे छिपा था इश्क का जाल
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में इरफान की खरगूपुर थाना क्षेत्र की निवासी मौसेरी सास के पति का निधन हो गया। इसके बाद वह लखनऊ में इरफान और उसकी पत्नी के घर बार-बार आने लगी। शुरुआत में तो सब कुछ सामान्य लगा। महिला ने भी कभी शक नहीं किया क्योंकि मौसेरी सास को वह अपनी मां समान समझती थी। लेकिन धीरे-धीरे मौसेरी सास और दामाद के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। महिला को इस बात का आभास तक नहीं था कि उसके अपने ही घर में उसके साथ सबसे बड़ा विश्वासघात हो रहा है।
चार साल तक छुपाकर रखा रिश्ता, फिर भाग निकले
पीड़िता के अनुसार, मौसेरी साथ के साथ इरफान का यह छुपा हुआ रिश्ता करीब चार साल तक चलता रहा। लेकिन जब उसने मौसेरी सास और पति के बीच बढ़ते संबंधों पर सवाल उठाना शुरू किया, तो इरफान ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। फिर एक दिन वह मौसेरी सास को साथ लेकर फरार हो गया, और आज तक वापस नहीं आया।
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फरियाद के बावजूद कोई नहीं दे रहा सुनवाई
पीड़ित महिला ने लखनऊ के ठाकुरगंज थाने में इस संबंध में तहरीर दी, लेकिन वहां कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने खरगूपुर थाने में भी शिकायत की, क्योंकि मौसी वहीं की रहने वाली है। मगर वहां भी सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति हुई। अब महिला ने गोंडा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाती यह महिला अब न्याय के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन तंत्र और व्यवस्था का रवैया बेहद उदासीन है।
‘मौसेरी सास’ बनी इंटरनेट सनसनी
इस मामले के उजागर होते ही मौसेरी सास शब्द सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा है। लोग इस रिश्ते को ‘घिनौना और अनैतिक’ बता रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि ऐसे मामलों में बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है, जो पूरी जिंदगी उन्हें अंदर से तोड़ता है। क्या मौसेरी सास और दामाद का यह प्रेम संबंध केवल सामाजिक पतन का उदाहरण है या यह हमारे कानून की निष्क्रियता का भी प्रतीक बन चुका है? अगर चार साल तक यह सब चलता रहा और परिवार टूटता रहा, तो पुलिस को अब तक क्यों भनक नहीं लगी?
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पीड़िता की आखिरी उम्मीद
तीन मासूम बच्चों की मां अब न्याय की तलाश में रोजाना पुलिस दफ्तरों के चक्कर काट रही है। उसका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उसके बच्चों का भविष्य पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। वह चाहती है कि मौसेरी सास और पति दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि रिश्तों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों को सज़ा मिले।
मौसेरी सास और दामाद का रिश्ता बना सामाजिक कलंक
यह मामला सिर्फ एक घर टूटने की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक पूरे सामाजिक ताने-बाने के विघटन की मिसाल है। जहां मौसेरी सास और दामाद जैसे रिश्ते भी अब भरोसे के काबिल नहीं बचे हैं। और जब कानून भी आंख मूंद ले, तो पीड़िता और उसके मासूम बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता है।
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