वाराणसी (हि.स.)। हजरत अली की जयंती पर 15 फरवरी मंगलवार को परम्परानुसार टाउनहाल से जुलूस-ए-अली उठाया जाएगा। कोविड नियमों का पालन कर जुलूस मैदागिन बुलानाला से होते हुए नीचीबाग गुरुद्वारे पर कुछ देर रुकेगा। यहां सिख समाज के लोग जुलूस का स्वागत करेंगे। तत्पश्चात चौक थाने के पास छोटी सी तकरिर होगी। यहां से जुलूस दालमंडी, नई सड़क, काली महल, पितरकुण्डा होते हुए दरगाहे फातमान पहुंचेगा।
दरगाहे फातमान में आयोजित सेमिनार में गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश होगी। रविवार को पराड़कर भवन गोलघर में आयोजित पत्रकार वार्ता में हजरत अली समिति के सचिव / मीडिया प्रभारी हाजी सैयद फरमान हैदर ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दामादे पैगंबर शेरे खुदा हजरत अली की जयन्ती पूरी अकीदत से मनायी जायेगी। जयंती पर दरगाहे फातमान में आयोजित सेमिनार में श्री संकट मोचन के महंत प्रो. विशम्भरनाथ मिश्र, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द के त्यागी, मसीही समाज से विशप फ़ादर यूजिन,महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ.सत्यजीत प्रधान ,गुरुद्वारे से भाई धर्मवीर, मौलाना नसीर सिराजी भी भाग लेंगे। सेमिनार में ज्ञानी सुखदेव सिंह गुरुद्वारा नाका भी अपने विचार रखेंगे। सेमिनार की अध्यक्षता मौलाना शमिमुल हसन करेंगे। फरमान हैदर ने बताया कि इस अवसर पर मौला अली के नाम से पुरस्कार दिये जायेंगे। इंजीनियर मोहम्मद हादी तथा नसीर आजमी मुम्बई आदि को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर शहर की दो अंजुमने क्रमशः अंजुमने नसीरुल मोमनीन तेलिया नाला तथा अंजुमन सज्जादिया पठानी टोला को बिलायत-ए-अलीअवार्ड से नवाजा जाएगा।
श्रीधर
