– मंदिर में पूजन के साथ की रायबरेली दौरे की शुरुआत
रायबरेली (हि.स.)। राहुल गांधी की ‘हिन्दू और हिंदुत्व’ की थीसिस के बाद अब सपा भी सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर आगे बढ़ रही है। कम से कम विधानसभा चुनावों तक समाजवादी पार्टी के प्रचार में इसकी एंट्री जरूर होने वाली है। गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली में इसका आगाज़ देखने को मिल रहा है।
जनपद के दो दिवसीय दौरे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसके संकेत दे दिए हैं और अब उन्हें भगवान कृष्ण के रूप में दर्शाते होर्डिंग्स जगह-जगह लगाई गईं हैं। शुक्रवार को रायबरेली में उनकी जनसभाओं की शुरुआत ही मंदिर में दर्शन से हुई थी। लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर चूरुवा बॉर्डर पर स्थित हनुमान मंदिर में उन्होंने पूजा की और भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद ही दौरे के कार्यक्रम शुरू हुए। मंदिर में दर्शन के तुरंत बाद अखिलेश यादव ने इसे ट्वीट भी किया।
शनिवार को उनके दौरे के दूसरे दिन शहर भर में अखिलेश के कृष्ण भगवान के रूप में दर्शाते दर्जनों होर्डिंग लग गईं। जिनमें उन्हें कृष्ण बताते हुए धर्म ध्वज का नायक बताया गया है। सपा समर्थकों द्वारा लगाई गई इन होर्डिंग्स में लिखा है कि ‘कृष्ण हैं..विनायक हैं, धर्म ध्वजा के नायक हैं। अब ढोंगियों का नाश है। अधर्मियों का संहार है’ इसमें यह जताने की कोशिश की गई कि अखिलेश यादव को भगवान कृष्ण के रूप में जोड़ने की कोशिश की गई। साथ ही कृष्ण के प्रतीक के साथ सॉफ्ट हिंदुत्व को हवा दी जा रही है।
एक वरिष्ठ सपा नेता के अनुसार भगवान कृष्ण यदुकुल के हैं, जिससे अखिलेश यादव भी हैं। जिससे वह उनके वंशज हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी का भगवान कृष्ण के प्रति यह प्रेम अचानक नहीं है, इसके पहले भी लोकसभा चुनाव के पहले अखिलेश यादव ने सैफई में भगवान कृष्ण की 51 फ़ीट ऊंची प्रतिमा लगवाई थी। छह टन वजनी इस प्रतिमा में भगवान कृष्ण को कुरुक्षेत्र में ‘रथ पाणी’ मुद्रा में दिखाया गया है।
इसके अलावा भी कई कार्यक्रमों में अखिलेश यादव के कृष्ण के रूप में दर्शाते पोस्टर और होर्डिंग लग चुकी हैं। कुल मिलाकर इस बार के चुनावों में जहां भाजपा राम मन्दिर और विश्वनाथ कॉरिडोर के जरिये हिंदुत्व को धार देने में लगी हुई है। वहीं, समाजवादी पार्टी भी अपने पुराने चोले से बाहर आकर सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पकड़ रही है।
रजनीश/प्रभात
