बांदा (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति के आवास पर 25 अप्रैल तक बुलडोजर नहीं चलेगा। यह राहत चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त दिनेश कुमार सिंह ने पूर्व विधायक के अधिवक्ता द्वारा की गई अपील पर दी है और बांदा विकास प्राधिकरण से 25 अप्रैल तक पत्रावली तलब की है।
इस पर पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने चित्रकूट धाम मंडल के न्यायालय में अपील की। जिस पर मंगलवार को सुनवाई की गई, सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि किसी भी एरिया को डेवलपमेंट एरिया घोषित करने से पहले नियमतरू गजट नोटिस जारी किया जाता है जो नहीं किया गया। पूर्व विधायक का आवास पैतृक है और 1973 के पूर्व का बना हुआ है। तब बांदा विकास भी नहीं बना था। अधिवक्ता द्वारा बांदा विकास प्राधिकरण के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई। इस पर कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह ने 25 अप्रैल को इस मामले की पत्रावली तलब की है। इसी दिन इसकी अगली सुनवाई होगी। तब तक उन्होंने आवास को न गिराने के आदेश दिया है।
बृजेश प्रजापति तिंदवारी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे और उसी से चुनाव भी लड़े लेकिन उन्हें पराजित होना पड़ा। इसके बाद बांदा विकास प्राधिकरण ने इनको नोटिस देकर आवास का निर्माण गलत ढंग से कराने और नक्शा न बनवाने का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी की थी। जिस पर सुनवाई के दौरान 2 दिन पहले ही प्राधिकरण ने उनके आवास को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ पूर्व विधायक के द्वारा कमिश्नर चित्रकूट मंडल के यहां अपील की गई थी।
अनिल
