Thursday, April 23, 2026
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शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए जरूरी है मां का दूध

– विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारम्भ एक अगस्त से

मीरजापुर (हि.स.)। जनपद में सभी राजकीय अस्पतालों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर रविवार को विश्व स्तनपान सप्ताह के शुभारम्भ किया जाएगा। स्तनपान सप्ताह के शुभारम्भ के दिन मण्डलीय चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को नवजात शिशुओं को स्तनपान कराने के लिये प्रेरित किया जायेगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रभुदयाल गुप्ता ने कहा कि मां का दूध शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। मां का दूध शिशु को डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से भी बचाता है। इसी दृष्टिकोण से पूरे जनपद में विश्व स्तन पान सप्ताह सात अगस्त तक मनाया जायेगा। कहा कि स्तनपान का शिशु एवं बालजीविता पर अहम प्रभाव पड़ता है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार वीणा वर्मा ने बताया कि विभाग के 2668 केंद्रों पर कार्यरत दो हजार 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव लोगों के घर जाने का काम करेंगी। जिनके घरों में छह माह से छोटे बच्चें होंगे, उन्हें स्तनपान से होने वाले लाभ के बारे में बताकर जागरूक करेंगी। इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम शिशु स्तनपान की जिम्मेदारी, साझा जिम्मेदारी पर केंद्रित होगी।

आंकड़ों के अनुसार जिन शिशुओं को जन्म के एक घंटे के अन्दर स्तनपान नहीं कराया जाता है, उनमें नवजात मौत की दर 33 प्रतिशत अधिक रहती है। कहा कि छह महीनें की उम्र तक शिशु को केवल स्तनपान कराने पर दस्त व निमोनिया के खतरे में क्रमश: 11 और 15 प्रतिशत की कमी लायी जा सकती है। अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की बुद्धि उन बच्चों की अपेक्षा अधिक होती है, जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए प्राप्त होता है। स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मृत्यु को भी कम करता है। शिशु के दो वर्ष पूरे होने तक स्तनपान जारी रखा जा सकता है।

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