– एलएचबी बोगियां होती हैं अधिक सुरक्षित और आरामदायक
लखनऊ (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए लखनऊ जंक्शन से पुणे के बीच अप-डाउन में चलने वाली दो जोड़ी ट्रेनों में अलग-अलग तारीखों में अत्याधुनिक एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुस) बोगियां लगाएगा। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का मौका मिलेगा।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, अप-डाउन में चलने वाली 11407/11408 पुणे-लखनऊ-पुणे एक्सप्रेस में पुणे जंक्शन से 11 जनवरी से तथा लखनऊ जंक्शन से 13 जनवरी से अत्याधुनिक एलएचबी बोगियां लगाई जाएंगी। इसी तरह से अप-डाउन में चलने वाली 12103/12104 पुणे-लखनऊ-पुणे एक्सप्रेस में पुणे जंक्शन से 18 जनवरी से और लखनऊ जंक्शन से 19 जनवरी से अत्याधुनिक एलएचबी बोगियां लगाई जाएंगी।
एलएचबी बोगियां पारंपरिक आईसीएफ बोगियों की तुलना में 1.5 मीटर लम्बी होती हैं। इसकी वजह से यात्री वहन क्षमता में वृद्धि हो जाती है। एलएचबी बोगियों वाली ट्रेन 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दौड़ सकती है। एलएचबी बोगियों में सीटों की क्षमता 10 प्रतिशत अधिक रहती है। एसी सेकेंड में 52 सीट, एसी थर्ड में 72 और स्लीपर क्लास में 80 सीटें होती हैं। पुरानी आईसीएफ बोगियों में 72 सीटें ही होती हैं। एलएचबी बोगियों की टेलिस्कोपिक डिजाइन हादसे के समय बोगियों को एक दूसरे के ऊपर चढ़ने से बचाती हैं। इसकी एडवांस डिस्क ब्रेक सिस्टम तेज रफ्तार में भी ट्रेन को नियंत्रित करती है। पारंपरिक बोगियों वाली ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 110 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है।
रेलवे प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर कराने के लिए पारंपरिक बोगियों की जगह अब एलएचबी बोगियां चरणबद्ध तरीके से लगा रहा है। एलएचबी बोगियों से लैस होने पर ट्रेनों में दुर्घटना की संभावना कम होती है। दुर्घटना होने के समय बोगी (कोच) एक दूसरे पर नहीं चढ़ती हैं। इससे जानमाल का नुकसान कम होता है। इसके साथ ही एलएचबी बोगियों से लैस होने पर ट्रेन में झटके भी कम लगते हैं और रफ्तार भी बढ़ जाती है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार का कहना है कि लखनऊ जंक्शन से पुणे के बीच चलने वाली दो जोड़ी ट्रेनों में आने वाले दिनों में अत्याधुनिक एलएचबी बोगियां लगाने का फैसला किया गया है। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर करने का मौका मिलेगा।
दीपक
