-बिना शोरगुल के बहुजन समाज पार्टी जिले में लड़ रही चुनाव
बस्ती (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधानसभा चुनाव में बिना हो हल्ला किये लड़ रही है। बसपा के इस प्रकार के चुनावी मिशन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) को खतरा हो सकता है।
बसपा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अपना करीब 25 हजार से 30 हजार वोट बैंक मानकर चुनाव लड़ती रही है। इस बार कुछ अलग तरीके से चुनाव मैदान में उतरी है। पूर्वांचल के जिलों में भाजपा, सपा ने बड़ी-बड़ी रैलियां भी की हैं लेकिन बसपा पूरी तरह से साइलेंट मोड मे चुनाव लड़ रही है। विधानसभा चुनाव 2007 में बसपा ने अच्छा प्रर्दशन कर बंपर जीत हासिल की थी। उक्त चुनाव में बसपा को 206 सीटें मिली थीं। वह इस चुनाव में भी अपनी ताकत को उसी अंदाज में बढ़ा रही है। सोशल प्लेटफार्म पर भी इस बार बसपा की सक्रियता ठीक से दिखाई दे रही है। पार्टी के युवा कैडर परम्परागत प्रचार साधनों के साथ-साथ फेसबुक, इस्ट्राग्राम, ट्यिूटर, व्हाट्सएप पर सक्रीय हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मन्त्री व बसपा के वरिष्ठ नेता राजकिशोर सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी प्रचण्ड बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। भाजपा में जैसी भगदड़ मची है, वैसी भगदड़ आज तक किसी भी पार्टी में नहीं हुई। बसपा पूरी तरह से मैदान में उतर चुकी है। आने वाले 10 मार्च को बसपा सरकार बनायेगी। किसानों नौजवानों के लिए बसपा ही कार्य कर सकती है। जनता भी इस बार बसपा की सरकार बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सपा अपनों तक ही सिमटती जा रही है। सपा ने केवल परिवार के लिए ही कार्य किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री व सांसद हरीश द्विवेदी ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत करते हुए कहा कि देश तथा प्रदेश की जनता प्रधानमन्त्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से खुशहाल है। केन्द्र तथा प्रदेश सरकार सभी वर्गों के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। विकास कार्य की बदौलत उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा पिछली बार से ज्यादा सीटें जीतकर दोबारा प्रदेश मे सरकार बनायेगी।
सपा के वरिष्ठ नेता उत्तर प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए जनता उत्सुक है। जनता स्वंय पार्टी की रैली,जनसभा करा रही है। समाजवादी पार्टी की बढ़ती जनाधार से सत्तारूढ़ भाजपा घबड़ा गयी है। आने वाले विधानसभा चुनाव मे प्रचण्ड बहुमत की सरकार बनाएंगे। भाजपा के अपने ही विधायक सपा के भविष्य में अपना भविष्य और प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए शामिल हो रहे हैं।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने स्पष्ट कर दिया है कि बसपा सुप्रीमों मायावती और सतीश चन्द्र मिश्रा चुनाव नहीं लड़ेंगे। अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। लगातार दस साल उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर रहने के बाद 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में पार्टी ने फिर एक बार ब्राह्मण वोटों पर अपनी नजरें टिकाई हैं।बसपा ने प्रबुद्ध सम्मलेन कर ब्राहम्णों को जोड़ने की कोशिश की है।
महेंद्र/दिलीप
