फिरोजाबाद(हि.स.)। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 अवधेश कुमार सिंह ने शनिवार को जानलेवा हमले के एक दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने उस पर अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदण्ड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला थाना नगला सिंघी क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 09 जून 2013 को निहाल सिंह अपने दूर के रिश्ते की मामी को मोटरसाइकिल में बैठाकर उसके गांव छोड़ने जा रहा था, तभी रात 8 बजे गांव नगला नन्दा से पहले हाथों में हथियार लिए पांच लोगों ने उसे रोक लिया तथा मारपीट व बदतमीजी करने लगे। यह लोग निहाल सिंह की मामी को घसीट कर सड़क के नीचे खेतों में ले गये तथा उसके साथ दुष्कर्म किया। निहाल सिंह व उसकी मामी ने विरोध किया तो दोनों को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गये तब वो भाग गये। दोनों घायल गांव वालों के साथ थाने पहुंचे और तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। जांच में महिला से दुष्कर्म के सबूत नहीं पाये गये। जिसके बाद पुलिस ने जांचोपरान्त मुरारी लाल पुत्र रामबाबू निवासी परौली सिकरवार, थाना फतेहाबाद जिला आगरा के विरूद्ध जानलेवा हमले की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमा वास्ते सुनवाई एवं निस्तारण हेतु अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट संख्या-1 अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में पहुंचा। जहां अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता अरवेश शुक्ला ने बताया कि कई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किये गये, कई गवाहों ने गवाही दी। कोर्ट ने साक्ष्य व गवाहों की गवाही के आधार पर मुरारी लाल को दोषी पाते हुये उसे 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोषी पर 5 हजार का अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदण्ड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदण्ड की आधी धनराशि कोर्ट ने पीड़िता को देने के आदेश भी दिए हैं।
कौशल
