कानपुर (हि.स.)। मानसून की ट्रफ रेखा भले ही कानपुर परिक्षेत्र से हटी हो, लेकिन पांच दिनों तक स्थानीय कारणों से हल्की बारिश होती रहेगी। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि इस बीच कभी कभी तापमान शनिवार की भांति सामान्य से अधिक भी सकता है, जिससे मौसम में बदलाव भी आएगा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पाण्डेय ने शनिवार को बताया कि पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिमी दिशा में बढ़ गया है और अब यह उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर है। यह पश्चिम में दूर जाना जारी रखेगा। मॉनसून ट्रफ डिप्रेशन के केंद्र से गुजरते हुए उदयपुर, ग्वालियर, सतना, रांची, दीघा से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। पूर्व पश्चिम विंडशियर जोन मध्य भारत के ऊपर लगभग 24 डिग्री उत्तर में चल रहा है। समुद्र तल पर अपतटीय ट्रफ रेखा दक्षिण गुजरात तट से केरल तट तक फैली हुई है। गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्र पर चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 3.1 किमी से 7.6 किमी के बीच फैला हुआ है। पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके प्रभाव में 13 अगस्त की शाम तक उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। यह 14 अगस्त तक अच्छी तरह से चिह्नित हो सकता है।
बताया कि अधिकतम तापमान 34.4 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 91 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 61 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पूर्व रही जिनकी औसत गति 7.8 किमी प्रति घंटा रही। आगामी पांच दिनों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण 13-14 अगस्त को मध्य तेज हवाओं एवं गरज-चमक के साथ केवल बूंदाबांदी या हल्की वर्षा होने की ही संभावना है।
अजय
