Friday, April 17, 2026
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निजीकरण के विरोध में सोमवार से दो दिन तक कार्य बहिष्कार करेंगे बिजली कर्मी

-संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने लिया निर्णय, केन्द्र की नीतियों से आक्रोश

लखनऊ (हि.स.)। केंद्र एवं राज्य सरकार की निजीकरण की नीतियों एवं इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मी देश के सभी प्रांतों के बिजली कर्मियों के साथ सोमवार से दो दिन का कार्य बहिष्कार प्रारम्भ करेंगे। सभी जनपद मुख्यालयों एवं परियोजनाओं व राजधानी लखनऊ में मध्यांचल मुख्यालय पर विरोध सभा की जायेगी।

संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों वी पी सिंह, प्रभात सिंह ,जी वी पटेल, जयप्रकाश, गिरीश पांडेय, सदरुद्दीन राना, राजेंद्र घिल्डियाल,महेंद्र राय आदि ने संयुक्त बयान में कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण की दृष्टि से इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 को संसद में पारित कराने जा रही है, जिसका बिजली कर्मियों और उपभोक्ताओं पर व्यापक प्रतिगामी प्रभाव पड़ने वाला है।

उन्होंने कहा कि बिल पर बिजली कर्मचारियों और बिजली उपभोक्ताओं से कोई राय नहीं ली गई है। केवल औद्योगिक घरानों से ही विचार विमर्श किया गया है। इस प्रकार केंद्र सरकार की इस एकतरफा कार्यवाही से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है।

बिजली कर्मियों की मांग है कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 वापस लिया जाए व विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण हेतु जारी किये गए स्टैण्डर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट तत्काल वापस लिया जाए। ग्रेटर नोएडा के निजीकरण और आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द किया जाए। केरल के केएसईबी लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह उत्तर प्रदेश में भी सभी बिजली निगम का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए।

उपेन्द्र

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