-तापमान में तेजी से होगी गिरावट, कोल्ड डे की हो सकती हैं स्थितियां
कानपुर (हि.स.)। अरब सागर से आ रही नम हवाओं से जहां शीत लहर बराबर बनी हुई है तो वहीं बारिश से इसमें और इजाफा हो गया है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। ऐसे में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ है और शीतलहर बरकरार है। इससे तापमान में भी गिरावट हुई। मौसम विभाग का कहना है कि अभी दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा और किसान भाई सिंचाई के कार्य को स्थगित कर दें।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन सुनील पाण्डेय ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग ने तीन से पांच फरवरी के बीच प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने के संकेत दिए थे, लेकिन विक्षोभ ज्यादा सशक्त होने के कारण कई इलाकों में गरज व चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई और ओले भी गिरे। पश्चिमी विक्षोभ के कारण गरज व चमक के साथ हुई बारिश और ओले गिरने से फिर से शीतलहर में इजाफा हो रहा है। आसमान पर बादल छाने के कारण रात का तापमान पहले से बढ़ा है, लेकिन दिन के तापमान में तेजी से गिरावट होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के साथ अरब सागर से आ रही नम हवाओं से शुक्रवार व शनिवार को भी बूंदा-बांदी व बारिश की गतिविधियां होने की उम्मीद है। इस बीच हिमालय पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जिसके कारण अभी कुछ दिन तक उत्तर पूर्वी बर्फीली हवाएं गंगा के मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ाएंगी। नदियों के आसपास देर रात से लेकर सुबह तक घना कोहरा भी छा सकता है।
यह रहा तापमान
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.8 और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 95 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 58 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की दिशाएं उत्तर पश्चिम रही जिनकी औसत गति 9.7 किमी प्रति घंटा रही। बताया कि इस सप्ताह मध्य उत्तर प्रदेश के ब्लॉक एवं जिला स्तर पर आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण पांच फरवरी तक हल्की वर्षा होने की संभावना है। रात्रि एवं प्रातः काल के समय मध्यम से घना कोहरा एवं ठण्ड/ शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। अतः किसानों को सलाह दी है कि वे जायद फसलों की बुवाई, सिंचाई, खरपतवार नाशी, कीटनाशी एवं रोग नाशी का छिड़काव का कार्य स्थगित रखें।
अजय
