कानपुर (हि.स.)। रूस यूक्रेन युद्ध के बीच रिफाइंड तेल के अचानक बढ़ते दामों की जानकारी पर जिलाधिकारी ने जांच टीमों का गठन किया है। इन टीमों के गठन के बाद कानपुर के व्यापारियों में उत्पीड़न का डर पैदा हो गया है। इसको लेकर सोमवार को व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला और जांच टीम पर रोक लगाए जाने की मांग की।
दरअसल, बीते दिनों रूस यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद से जनपद में ऐसे शिकायतें मिली थी कि रिफाइंड तेल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दुकानादारों द्वारा मुनाफा कमाने की बातें सामने आई थी। इस पर प्रभावी रोकथाम लगाए जाने की दिशा में कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में अलग अलग क्षेत्रों में जांच के लिए कई टीमें गठित कर दी थी। दो दिन पूर्व शनिवार को इन टीमों ने 29 दुकानों की जांच भी की थी। इसी को लेकर व्यापारियों में असंतोष बढ़ रहा था। इसी मुद्दे को लेकर आज को व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी नेहा शर्मा से मिला।
रिफाइंड कारोबारियों के साथ भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि इस तरह की जांच से व्यापारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध के कारण रिफाइंड में इस्तेमाल होने वाले पाम आयल के आयात में दिक्कतें आ रही हैं। यह पॉम आयल विदेशों से आता है, इसी वजह से पूरे देश में रिफाइंड की कीमतें बढ़ रही हैं।
व्यापारियों ने कहा कि रिफाइंड सहित किसी भी वस्तु की कीमतें पूरे देश की बाजारों व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों के आधार पर तय होती है। देश की खपत में 60 से 65 प्रतिशत से अधिक आयातित रिफाइंड व खाद्य तेल पर निर्भर है।व्यापारियों ने जांच कमेटी पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में और कहीं भी जांच नहीं हो रही है।
व्यापारियों ने बताया कि जिलाधिकारी ने उन्हें किसी प्रकार का उत्पीड़न न होने देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा व्यापारियों को भी कम मुनाफे और एमआरपी से अधिक पर बिक्री न करने को कहा गया है। प्रतिनिधिमंडल में सरदार गुरुजिन्दर सिंह, अमूल्य गुप्ता, प्रेम गुप्ता, हुमायूं, सुरेंद्र नारोली, रितेश, संजय, अरुण अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, संजय पारिख, पवन गुप्ता, संतोष माहेश्वरी आदि रहें।
महमूद
