Tuesday, May 5, 2026
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जर्जर स्कूलों के ढहने का मंडराया खतरा, पेड़ों के नीचे पढ़ने को बच्चे मजबूर

हमीरपुर (हि.स.)। जिले में प्राइमरी शिक्षा रामभरोसे चल रही है। सरकारी प्राथमिक स्कूलों के भवनों के जर्जर हो जाने से अब खुले आसमान के नीचे बच्चे पढ़ने को मजबूर है। खराब मौसम में पेड़ों के नीचे बच्चों की कक्षाएं देख गांव के सरपंच भी हैरान है।

सुमेरपुर क्षेत्र के बंडा गांव में प्राथमिक स्कूल का भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। भवन की छत और दीवारों के साथ ही फर्श भी खस्ताहाल हो चुका है। गांव की सरपंच के प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव में इस स्कूल का भवन वर्ष 1990 में बना था, लेकिन ये पिछले कई सालों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। भवन के प्लास्टर टूटकर नीचे गिरने से बच्चे घायल हो सकते है, इसीलिए बच्चों को खुले आसमान के नीचे शिक्षक पढ़ा रहे हैं।

मुस्करा व मौदहा क्षेत्र में भी कई स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि शहर में भी कुछ स्थानों पर पुराने और जर्जर भवनों में बच्चों की कक्षाएं लगती है। इधर सुमेरपुर क्षेत्र के नदेहरा, करेना डेरा, जुजुआ का डेरा, पलरा सहित कई गांवों के स्कूलों में बारिश का पानी कई फीट भरने से प्राथमिक शिक्षा को तगड़ा झटका लगा है। स्कूल तक जाने आने वाली सड़क भी बारिश के पानी के बहाव में बह चुकी है। मजबूरी में बच्चों की कक्षाएं बाहर खुले आसमान के नीचे लग रही है।

डेढ़ सौ से अधिक बच्चों की पेड़ के नीचे लगती है कक्षाएं

प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर दिनेश गुप्ता ने बताया कि स्कूल में कक्षा एक से पांच तक के 160 छात्र और छात्राएं पंजीकृत है। गांव के सभी बच्चे नियमित रूप से पढ़ने आते है। लेकिन उनकी सुरक्षा के मद्देनजर मजबूरी में पेड़ के नीचे क्लासें लगाई जा रही है। बताया कि बरसात होने पर एकल कक्ष और बरामदे में बच्चों को कुछ देर लिए बैठाया जाता है। बताया कि स्कूल का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है जो कभी भी ढह सकता है। बच्चे भी स्कूल के अंदर जाने से घबराते है।

सांसद ने नए भवन निर्माण के लिए बीएसए को किया फोन

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव में यह एक सरकारी स्कूल है जो पूरी तरह से बेकार हो गया है। कई बार इसे लेकर अधिकारियों को पत्र भेजा गया है लेकिन अभी तक जर्जर भवन से छुटकारा नहीं मिल सका। इस समय बच्चे जर्जर भवन के बाहर खुले मैदान में पढ़ने को मजबूर है। बताया कि इस मामले की जानकारी सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल को दी गई जिस पर सांसद ने बीएसए को फोन कर प्राथमिकता पर भवन निर्माण कराने के निर्देश भी दिए है।

पंकज

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