लखनऊ (हि.स.)। रेलवे प्रशासन ने चारबाग और लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर ट्रेनों और यात्रियों का दबाव कम करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आने वाले दिनों में कई ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर शिफ्ट करने की तैयारी है। साथ ही लखनऊ मंडल के स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।
उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने चारबाग और लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर ट्रेनों और यात्रियों का दबाव कम करने के लिए बाईपास योजना बनाई है। इसके तहत उत्तर रेलवे ने लखनऊ के उतरेटिया से ट्रांसपोर्टनगर के बीच 12 किलोमीटर लम्बे एलिवेटड रूट की डबलिंग की। यह बाईपास तैयार हो गया है, जिस पर माल गाड़ियों का ट्रायल बढ़ाया गया है। इस पर कुल 120 करोड़ रुपये के आसपास खर्च किया गया है। इस बाईपास से अयोध्या और रायबरेली रूट से आने वाली ट्रेनों को चारबाग स्टेशन पर लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ट्रेनों को सीधे ट्रांसपोर्टनगर के रास्ते आगे भेजा जा सकेगा। इस रूट पर चारबाग और लखनऊ जंक्शन स्टेशन की करीब 29 नॉन-प्रीमियम ट्रेनों को शिफ्ट करने की योजना है।
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन बाराबंकी से मल्हौर के बीच तीसरी लाइन बिछाने का कार्य शुरु करेगा। इसके लिए बजट मिल चुका है। ऐशबाग से मानकनगर के बीच बाईपास का कार्य चल रहा है। 3.8 किलोमीटर लम्बे इस बाईपास पर 81 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस बाईपास के बन जाने से गोरखपुर रूट की ट्रेनों को सीधे कानपुर की ओर रवाना किया जा सकेगा और लखनऊ जंक्शन नहीं भेजना पड़ेगा।
लखनऊ मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि उत्तर रेलवे के स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड ने कुल 147 करोड़ रुपये दिए हैं। इसमें लखनऊ मंडल के स्टेशनों के हिस्से में करीब 90 करोड़ रुपये आए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के लिए 187 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके तहत लखनऊ मंडल के हिस्से में 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बताया कि लखनऊ मंडल के चारबाग, लखनऊ जंक्शन, ऐशबाग, आलमनगर, डालीगंज, सिटी स्टेशन, मल्हौर, बादशाहनगर और मानकनगर के अलावा अन्य स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बजट का इस्तेमाल जल्द ही शुरू किया जाएगा। इससे स्टेशनों पर वाटर एटीएम, बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, कोच डिस्प्ले, पंखे, वाटर कूलर और ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन सहित अन्य सुविधाएं बढ़ जाएंगी।
चारबाग रेलवे स्टेशन पर आम दिनों में प्रतिदिन करीब सवा लाख से अधिक यात्रियों और कम से कम 180 ट्रेनों का आवागमन होता है। वहीं लखनऊ जंक्शन पर करीब 50 हजार यात्रियों और 45 ट्रेनों की आवाजाही होती है। इससे लखनऊ के दोनों रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों और यात्रियों का दबाव अधिक रहता है।
दीपक
