गोरखपुर (हि.स.)। मानसूनी बारिश से पूर्वांचल का आमजन दिक्कत में है। इनकी दिक्कतों का इजाफा नेपाल में हुई भारी बारिश ने भी करना शुरू कर दिया है। नेपाल में हुई भारी बारिश का असर गोरखपुर-बस्ती मंडलों में बहने वाली नदियों में दिखने लगा है। नदियां उफनाईं हैं और बढ़ चौकियां अलर्ट कर दी गईं हैं। हालात यह है कि नेपाली बारिश का पानी अब भारतीय नदियों में कहर बनकर टूटने को बेताब है।
रोहिन नदी महराजगंज और गोरखपुर में खतरे का निशान पार कर गईं हैं। सिद्धार्थनगर में घोंघी नदी भी लाल निशान के पार है। राप्ती, सरयू का पानी तेजी से बढ़ रहा है। गंडक नदी का पानी महराजगंज और कुशीनगर के रेता क्षेत्रों में फैल गया है। गंडक का दबाव एपी तटबंध पर बना हुआ है। तटीय गांवों के लोग दहशत में हैं। सिद्धार्थनगर जिले में घोंघी नदी खतरे के निशान 87 आरएल मीटर को पार कर 87.35 आरएल मीटर पर बह रही है।
कुशीनगर और महराजगंज में गंडक नदी का उफान थोड़ा कम हुआ है। कुशीनगर में 65 किमी के दायरे में बहने वाली बड़ी गंडक नदी के बाल्मीकि गंडक बैराज से डिस्चार्ज में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई है। बावजूद इसके कुशीनगर के खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में गंडक पूरे तेवर में है। बरवापट्टी के किमी जीरो और 8.6 लक्ष्मीपुर के सामने नदी बैकरोलिंग कर कटान कर रही है। अहिरौलीदान के किमी 13.950 पर नोनियापट्टी में भी नदी का कटान जारी है। खड्डा तहसील क्षेत्र में भी नदी छितौनी-दरगौली बांध पर दवाब बना चुकी है। यहां नदी एशिया के सबसे बड़े ठोकर वीरभार से सटकर बह रही है।
महराजगंज के नौतनवा व ठूठीबारी क्षेत्रों में महाव नाले तथा झरही व चंदन नदी के पानी से लक्ष्मीपुर, खैरहवा दूबे आदि गांव प्रभावित हैं। नेपाल से जलस्तर का दबाव बढ़ने से बाल्मीकि बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। गोरखपुर में राप्ती और सरयू भी कभी भी खतरे का निशान पार कर सकती हैं।
बाढ़ चौकियां अलर्ट
नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि देख गोरखपुर जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। जिले की सभी 86 बाढ़ चौकियों पर अत्याधुनिक संसाधन मुहैया करा दिए गए हैं। संबंधित विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।
प्रमुख नदियों का जलस्तर
गोरखपुर-सरयू : तुर्तीपारखतरे का निशान : 64.01 आरएल मीटर वर्तमान स्थिति : 60.360 आरएल मीटर -राप्ती : बर्डघाट खतरे का निशान : 74.10 आरएल मीटर वर्तमान स्थिति : 72.750 आरएल मीटर -रोहिन : त्रिमुहानी घाटखतरे का निशान : 82.44 आरएल मीटर वर्तमान स्थिति : 82.520 आरएल मीटर
महराजगंज-गंडक नदीखतरे का निशान : 359.800 आरएल मीटरवर्तमान स्थिति : 352.900 आरएल मीटी -चंदन नदी खतरे का निशान : 101.050 आरएल मीटरवर्तमान स्थिति : 352.900 आरएल मीटर -प्यास नदीखतने का निशान : 102.250 आरएल मीटरवर्तमान स्थिति : 102.100 आरएल मीटर सिद्धार्थनगर-घोंघी नदी खतरे का निशान : 87.000 आरएल मीटरवर्तमान स्थिति : 87.350 आरएल मीटर -कूड़ा नदी खतरे का निशान : 83.520 आरएल मीटर वर्तमान स्थिति : 82.100 आरएल मीटर(आंकड़े शुक्रवार के हैं)
आपदा विशेषज्ञ बोलेइस संबंध में आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता का कहना है कि नदियों में उफान की कई प्रमुख वजहें हैं। इस बार मई में ही गोरखपुर जिले में 350 मिमी बारिश हो गई। इसके बाद 15 जून तक औसत 173.7 मिमी बारिश के सापेक्ष 139.00 मिमी बारिश हो गई है। नेपाल में पहाड़ों पर भी भारी बारिश हो रही है। इसका असर गोरखपुर मंडल की नदियों पर पड़ना स्वाभाविक है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के नदियों के तटीय लोग दहशत में, नेपाल की बरसात के पानी से नदियां उफनाईं
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