जयपुर (हि.स.)। राजधानी जयपुर में गुरुवार को गुरु पुष्य नक्षत्र पर शहर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य का पुष्य अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं द्वारा अष्टोत्तर शतनामावली पाठों से प्रथम पूज्य से सुख समृद्धि की कामना की। इस विशेष अवसर पर शहर के गढ़ गणेश मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, नहर के गणेश जी, श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर, ध्वजा धीश गणेश, परकोटे वाले गणेश मंदिर,लाल डूंगरी गणेश मंदिर, सिद्धी विनायक बरकत नगर टोंक फाटक सहित गणेश विभिन्न मंदिरों में पंचामृत अभिषेक व विशेष श्रृंगार सहित कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुए और भगवान को नई पोशाक पहनाई गई। इसकेे अलावा कई गणेश मंदिरों में 56 भोग की झांकी भी सजाई गई।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में गुरु-पुष्य नक्षत्र पर गणेशजी का अभिषेक किया गया। इस अभिषेक में दूध, दही, बूरा, घी, शहद, केवड़ा जल और गुलाब जल का उपयोग हुआ। इसके बाद गणेश जी महाराज विशेष रूप से तैयार किए गए फूल बंगले में विराजमान करवाया गया और नवीन पोशाक धारण करवाई गई। वहीं घंटे-घड़ियालों की मधुर ध्वनि में भगवान के विशेष भोग लगाया और फिर अथर्ववेद के मंत्रों के साथ प्रथम पूज्य रिद्धि-सिद्धि के दाता को सहस्त्रनाम से 1001 मोदक अर्पित किए गए। मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के चलते जारी की गई गाइडलाइन का पालना की गई।
चांदपोल स्थित परकोटे वाले गणेश मंदिर में सुबह गुरु पुष्य नक्षत्र में गणेश जी महाराज का अभिषेक किया। वहां भी दूध, दही, घी, शहद, बूरा, गुलाब जल,केसर जल एवं अनेक द्रव्यों से प्रथम पूज्य को महास्नान कराया गया। इसके बाद नवीन पोशाक धारण कराकर फूल बंगला झांकी सजाई गई। इसके अलावा बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश, सूरजपोल के श्वेत सिद्धी विनायक, चौड़ा रास्ता स्थित काले गणेश, दिल्ली बाइपास स्थित बंगाली बाबा गणेश आश्रम, आगरा रोड स्थित गंगोत्री गणेश मंदिर,लाल डूंगरी गणेश मंदिर,सिद्धी विनायक बरकत नगर टोंक फाटक सहित अन्य गणेश मंदिरों में भी गुरू पुष्याभिषेक के आयोजन हुए।
