– प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो बिन्दुओं पर फोकस ‘प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण’
– पीईएस अधिकारियों के प्रथम चरण का 15 दिवसीय प्रशिक्षण
प्रयागराज (हि.स.)। सीमैट के निदेशक दिनेश सिंह ने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कुशल अधिकारी में एक बेहतर प्रबन्धक के गुण होने चाहिये। जिससे कि वह अपने न्यूनतम संसाधनों का अधिकतम उपयोग एवं जिनसे काम लेना है उनके मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुये लक्ष्य को समयान्तर्गत प्राप्त कर सके। यदि वह ऐसा करेगा तो उसे सफलता अवश्य मिलेगी।
राज्य शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट), उप्र, प्रयागराज में प्रान्तीय शिक्षा सेवा संवर्ग (पी0ई0एस0) अधिकारियों के प्रथम चरण का 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 से 10 फरवरी के मध्य संचालित किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन शुक्रवार को सीमैट के निदेशक दिनेश सिंह ने किया। उन्होंने अधिकारी प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपके प्रशिक्षण कार्यक्रम के विषयवस्तु में विभाग से सम्बन्धित प्रशासनिक एवं प्रबन्धकीय, अकादमिक, वित्तीय एवं विधिक पक्षों को समाहित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों का प्रत्यक्ष संपर्क जन प्रतिनिधियों से होता है। हमें यह समझना होगा कि जनप्रतिनिधियों का एक महत्वपूर्ण दायित्व यह होता है कि वह जनसमुदाय की आकांक्षाओं पर खरा उतरे। इसके लिये आवश्यक है कि जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को समझे और बेहतर संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि हमारे शैक्षिक अधिकारी विभाग का दर्पण होते हैं उनकी एक भी त्रुटि विभाग को असहज की स्थिति में डाल देती है। इसलिये अधिकारी ऐसा कोई निर्णय न करें जिससे कि समाज में गलत संदेश जाये एवं आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि आप मीडिया से बेहतर सम्बन्ध स्थापित करें तथा संचार माध्यमों का बेहतर प्रयोग करके सरकारी नीतियों, विभागीय उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग प्राप्त करें।
अधिकारियों को संबोधित करते हुये निदेशक ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से दो बिन्दुओं पर फोकस किया जाता है। उसमें हमारा पहला पक्ष प्रबन्धन एवं दूसरा प्रशिक्षण। प्रबन्धन को स्पष्ट करते हुये उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधन का अनुकूलतम उपयोग करते हुये लक्ष्य को प्राप्त करना ही प्रबन्धन है। हम अपने लक्ष्य को सहकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करके प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान दौर में कार्य की विविधता, अधिकता एवं चुनौतियां बढ़ गयी हैं, हम कैसे बेहतर लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते हैं इसकी चर्चा भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में की जायेगी।
सीमैट विभागाध्यक्ष डॉ अमित खन्ना ने प्रशिक्षण की बारीकियों पर चर्चा किया एवं प्रशिक्षण अधिकारी कार्यक्रम समन्वयक प्रभात कुमार मिश्र ने प्रशिक्षण के सभी बिन्दुओं पर चर्चा किया। कहा कि यह 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आपको अपने सेवाकाल में बहुत ही महत्वपूर्ण होगा जिससे आप विभाग के हित में श्रेष्ठ कार्य करने में सफल होंगे। अन्त में धन्यवाद ज्ञापित करते हुये सहायक निदेशक मायाराम ने कहा कि आप लोग विभिन्न स्रोतों से चयनित होकर आते हैं और एक सामान्य शिक्षा सेवा संवर्ग के अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। इस अवसर पर पवन सावन्त, सरदार अहमद, बीआर आबिदी, विप्लव प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।
विद्या कान्त
