जौनपुर (हि.स.)। शुक्रवार देर शाम सातवें चरण के लिए 7 मार्च को होने होने वाले चुनाव के लिये शुक्रवार शाम से प्रचार थम जाएगा। ऐसे में पूर्वांचल के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाली जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट में तमाम प्रत्याशियों के स्टार प्रचारक और प्रमुख नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी के तहत शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मल्हनी विधानसभा में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माफियाओं पर जमकर निशाना साधा।
कहा कि अतीक, मुख्तार और आज़म कहां हैं। उन्होंने कहा कि एक दो छूट गए हैं। 7 मार्च को कमल का बटन दबाना है और 11 मार्च को वे भी जेल में होंगे। बिना नाम लिए उन्होंने एक और बाहुबली पर निशाना साधा। उन्होंने करीब सात मिनट के भाषण में अखिलेश पर निशाना साधा।
कहा कि यूपी को अपराध मुक्त बनाने की यात्रा बीजेपी ने शुरू की है। मल्हनी में उमानाथ सिंह का बहुत बड़ा ऋण है। मल्हनी वाले केपी को जिताकर ये कर्ज सूद समेत लौटा देना है।यूपी को माफिया मुक्त करने का वादा है। उसमें थोड़ी सी कसर छूट गई है। बिना नाम लिए उन्होंने बाहुबली धनंजय सिंह पर निशाना साधा। एक बार मल्हनी में कमल खिला दो वे भी मुख्तार के साथ दिखाई देंगे।
गुंडे और माफिया मल्हनी का विकास नहीं कर सकते। यह संस्कार केपी सिंह के पास है। पीढ़ी दर पीढ़ी केपी सिंह के परिवार ने जौनपुर के विकास में योगदान दिया है। 2000 हज़ार करोड़ की भूमि भूमाफियों के कब्जे से छुड़ा ली। दीन दयाल उपाध्याय के सिद्धान्त के अनुसार गरीब कल्याण के लिए बीजेपी की सरकार ने काम किया है।
सपा प्रमुख अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वैज्ञानिकों ने कोविड का टीका ढूंढ लिया तो पीएम ने वैज्ञानिकों के लिए ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर वैज्ञानिकों का आभार प्रकट किया था। वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि मोदी का टीका मत लगवाओ, लेकिन 10 दिन बाद रात के अंधेरे में अखिलेश यादव ने खुद डरकर टीका लगवा लिया। उन्होंने कहा कि यूपी की जनता ने अखिलेश यादव की बात नहीं सुनी। अगर अखिलेश यादव की बात सुनी जाती तो तीसरी लहर का सामना नहीं कर पाते। अखिलेश यादव लोगों की जान की परवाह किए बिना राजनीतिक खिचड़ी पकाते हैं। जाते-जाते उन्होंने मल्हनी की जनता से आग्रह किया।
अमित शाह ने कहा कि क्या आप लोग मेरी बात मानेंगे।उन्होंने कहा कि इस बार मल्हनी में किसी बाहुबली को मत जीतने दीजिये। एक पार्टी है जो बाहुबलियों की है वहीं दूसरी तरफ एक आदमी खुद बाहुबली है। ऐसे लोगों को इस बार जीतने नहीं देना है।
विश्व प्रकाश
