Sunday, April 19, 2026
Homeउत्तर प्रदेशएनएचएम कर्मचारी संघ ने सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष को लिखा...

एनएचएम कर्मचारी संघ ने सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र

लखनऊ (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ ने प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर कर्मचारियों की समस्याओं को घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की है।

एनएचएम कर्मचारी संघ के महामंत्री योगेश उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में लगभग 01 लाख से अधिक चिकित्सक पैरामेडिकल स्टाफ है। इसमें कार्यालय, लिपिक, स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, विभिन्न श्रेणि कर्मचारी अपने चिकित्सीय एवं राजकीय सेवाओं से आम जनमानस की शत-प्रतिशत सेवा कर रहें हैं। इन श्रेणियों के कर्मचारी अपने समकक्ष नियमित श्रेणी के कर्मचारियों से आधे से भी कम मानदेय में अपनी सेवायें प्रदान कर रहें हैं। अल्प वेतन के कारण उक्त कर्मचारी अपने और परिवार के भविष्य को लेकर सशंकित रहते हैं। अनेकों प्रकार की असुविधा में इनका जीवन यापन होता है।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा है कि समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किये जाने अथवा जॉब सिक्योरिटी एवं राज्य कर्मचारियों के समानांतर समान कार्य समान वेतन प्रदान किये जाने को अपने घोषणा पत्र में उचित स्थान प्रदान करें। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिस पार्टी ने सर्वप्रथम हमारी मांगों को उचित स्थान दिया कर्मचारी उनके साथ हो लेंगे।

संयोजिका सुनैना अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में विभिन्न योजनाओं में एक लाख कर्मचारी एवं 05 लाख आशा बहू हैं। उन लाखों कर्मचारियों के शोषित परिवार हैं। जिनके मतों का प्रयोग किसी भी सरकार को बनाने में महत्वपूर्ण निर्णायक भूमिका सिद्ध करता है।

प्रदेश प्रमुख उपाध्यक्ष अम्मार जाफ़री ने कहा कि विगत चुनाव पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने एनएचएम कर्मियों को इकट्ठा करके अधिकार दिलाओ रैली की थी। अधिकार दिलाओ रैली का प्रभाव इतना रहा कि पार्टी ने पूर्ण बहुमत से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई। परन्तु अधिकार दिलाओ रैली के बाद भी बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो में एनएचएम कर्मियों की मांगों को शामिल नहीं किया। भाजपा शासनकाल में एनएचएम कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी। अब एनएचएम कर्मचारी जागरूक हैं। वो उसी पार्टी को समर्थन देंगें जो अपने घोषणा पत्र में उनकी मांगों को उचित स्थान देगी। अन्यथा नोटा का विकल्प खुला है।

मांग करने वालों में प्रमुख रूप से विजय वर्मा, प्रवीण यादव, सौरभ मिश्रा, अटल राय, महेन्द्र नाथ शालिनी यादव,डॉ रोहित कुमार,प्रीति सिंह,आशुतोष सिंह,मान सिंह चाहर, सचिन यादव,कमल देव, आदि लोग शामिल रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular