Thursday, April 23, 2026
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 इविवि के डेढ़ सौ वर्षों के इतिहास पर तैयार हो रही किताब : कुलपति

-विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ

प्रयागराज (हि.स.)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “रीविसिटिंग हिस्ट्री थ्रू लिटरेचरः रिलिजन, पॉलिटिक्स एंड प्रोपोगंडा” का शुभारम्भ हुआ। मुख्य वक्ता जेएनयू में इंग्लिश स्टडीज के प्रो. मकरंद परांजपे ने साहित्य और इतिहास के आपसी ताने-बाने को तीन भागों में; भारतीय ऐतिहासिक युद्ध, भारतीय काव्य शास्त्र तथा इतिहास मीमांसा की चर्चा करते हुए इतिहास और साहित्य के आपसी सम्बन्ध को बताया।

शुक्रवार को सीनेट हॉल में आयोजित संगोष्ठी का शुभारम्भ इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। तत्पश्चात डॉ. मृत्युंजय राव परमार ने स्वागत भाषण के साथ संगोष्ठी प्रारम्भ की। इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि इस राष्ट्रीय सगोष्ठी से शोध के नए पहलुओं को समझने में लाभ होगा। इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डेढ़ सौ वर्षों के इतिहास पर प्रो. जया कपूर के निर्देशन में एक किताब तैयार की जा रही है, जिसकी पहली प्रति भारत के राष्ट्रपति को भेंट की जायेगी।

विशिष्ठ अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरा छात्र तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर रहे प्रो. हरीश त्रिवेदी ने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए शोध के प्रति उत्सुकता जगाने का श्रेय अपने शिक्षक एच.एस सक्सेना को दिया। संगोष्ठी का संचालन डॉ सदफ सिद्दीकी एवं धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ विवेक कुमार द्विवेदी ने किया। डॉ विवेक द्विवेदी ने अपनी विभागीय सहयोगियों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों को इस आयोजन में सहयोग हेतु शुभकामनायें दी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के अन्य प्रोफेसर, हेरम्ब चतुर्वेदी, नीलम सरन गौर, स्मिता अग्रवाल तथा अन्य साहित्यिक जन उपस्थित रहे।

विद्या कान्त

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