– प्रधानमंत्री मोदी ने लौंगेवाला में जवानों के साथ दीपावली मनाई
नई दिल्ली (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जैसलमेर के लौंगेवाला फारवर्ड पोस्ट पर जवानों के कैंप में जाकर उनके साथ बॉर्डर पर दीपावली मनाई।
इस मौके पर जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं आज आपके बीच प्रत्येक भारतवासी की शुभकामनाएं लेकरआया हूं, आपके लिए प्यार लेकर आया हूं, आशीष लेकर आया हूं। मैं आज उन वीर माताओं- बहनों और बच्चों को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं, उनके त्याग को नमन करता हूं जिनके अपने सरहद पर हैं। उन्होंने कहा कि आप भले बर्फीली पहाड़ियों पर रहें या फिर रेगिस्तान में, मेरी दीवाली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है। आपके चेहरों की रौनक देखता हूं, आपके चेहरे की खुशियां देखता हूं, तो मुझे भी दोगुनी खुशी होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लौंगेवाला का ऐतिहासिक युद्ध् भारतीय सैन्यबल के शौर्य का प्रतीक तो है ही, इसके साथ ही तीनों सेना के कोऑर्डिनेशन का भी प्रतीक है। भारत की सैन्य शक्ति के सामने कोई भी आ जाए किसी भी सूरत में टिक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि लौंगेवाला युद्ध के 50 वर्ष होने जा रहे हैं। इसलिए मेरा मन यहां आने को कर गया। पूरा देश अपने वीरों की वीरगाथा को सुनकर गौरवान्वित हो रहा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिमालय की बुलंदियां हों, रेगिस्तान का विस्तार हो, घने जंगल हों या फिर समंदर की गहराई हो, हर चुनौती पर हमेशा आपकी वीरता भारी पड़ी है। दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है। आपके इसी शौर्य को नमन करते हुए आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं।
आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है। उन्हें आपकी अजेयता पर, आपकी अपराजेयता पर गर्व है। दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं, जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद एक तरह से मानसिक विकृति है और 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है। हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है, इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है। फैसला सेना ने लिया, लेकिन इस फैसले से 130 करोड़ देशवासियों में ऐसा संदेश गया कि सभी लोकल के लिए वोकल हों। हाल ही के दिनों में स्टार्ट अप आत्मनिर्भरता के मामले में देश को आगे ले जा रहे हैं। आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है। इतने महीनों से देश अपने 80 करोड़ नागरिकों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है। इसके साथ ही, देश, अर्थव्यवस्था को वापस गति देने का भी पूरे हौसले से प्रयास कर रहा है।
