– मासूम बच्चों ने भी हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर जुलूस में लगाये नारे
हमीरपुर (हि.स.)। सावित्री बाई फूले की जयंती पर रविवार को ग्रामीणों ने छोटे-छोटे बच्चों के साथ स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर धूमधाम से जुलूस निकाला और उन्हें नमन करते हुये याद किया गया। जुलूस देखने के लिये लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
बिंवार कस्बे में सावित्री बाई फूले की जयंती को धूमधाम से मनाने के लिये प्रगति पथ सेवा समिति के तत्वाधान में ग्रामीणों ने मासूमों के साथ जुलूस निकाला। समिति के कृष्णकांत कुशवाहा के नेतृत्व में निकाले गये जुलूस में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चों ने हाथ में शिक्षा की अलख जगाने, सबको शिक्षा का बराबर अधिकार दिये जाने की स्लोगन लिखी तख्तियां लिये नारे लगाये। जुलूस गांव के पुरवा मोहाल से शुरू होकर बांधुर तिराहा, बस स्टाप, बाजार से सड़क तक निकाला गया जिसे देखने के लिये लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यह जुलूस सभा में बदल गया जिसमें केके कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा की अलख सावित्री बाई फूले ने जगाई थी।
ये गरीब आदिवासियों के घरों में जाकर शिक्षा देने का कार्य करती थी। जयकरन कुशवाहा ने कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा धन है। इसीलिये सावित्री बाई फूले ने गरीब और अभावग्रस्त बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें आगे बढऩे का मौका दिया। ग्रामीणों ने सावित्री बाई फूले को याद करते हुये उनके बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर विनोद, अनिल, सत्यपाल, नागेन्द्र वर्मा, नीतेश समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
UP News : सावित्री बाई फूले की जयंती पर ग्रामीणों ने शिक्षा की अलख लेकर निकाला जुलूस
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