गोरखपुर (हि.स.)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के भुगतान सम्बंधी समस्याओं के निराकरण एवं औद्योगिक इकाइयों के लम्बित भुगतान के सेटेलमेन्ट अब आसानी से होंगे। दरअसल सरकार ने प्रत्येक मण्डल में एक फैसिलिटेश काउंसिल की स्थापना के निर्णय के आलोक में गोरखपुर में भी ‘फैसिलिटेशन काउंसिल’ के गठन का कार्य बुधवार को पूरा कर लिया गया।
मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर ने बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 31 अगस्त 2020 को उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु, एवं मध्यम उद्यम (स्थापना एवं संचालन सरलीकरण) अधिनियम-2020 लागू किया किया। प्रदेश में कार्यरत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के भुगतान सम्बंधी समस्याओं के निराकरण एवं औद्योगिक इकाइयों के लम्बित भुगतान के सेटेलमेन्ट हेतु प्रत्येक मण्डल में एक फैसिलिटेश काउंसिल की स्थापना का निर्णय किया गया था। इस परिषद के गठन सम्बंधी अधिसूचना को भी 14 सितम्बर 2020 को जारी कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (स्थापना एवं संचालन सरलीकरण) अधिनियम-2020 की धारा-12 के अनुसार गोरखपुर मण्डल के लिए भी फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन किया गया है। अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के भुगतान सम्बंधी समस्याओं के निराकरण एवं औद्योगिक इकाइयों के लम्बित भुगतान के सेटेलमेन्ट से जुड़ी समस्याओं का निराकरण आसान हो जाएगा।
ये होंगे काउंसिल के सदस्यफैसिलिटेश काउंसिल के सदस्यों की घोषणा भी कर दी गयी है। हालांकि अभी विभिन्न संगठनों द्वारा नामित सदस्यों के नामों का आना अभी बाकी है। बावजूद इसके मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली इस काउंसिल के सदस्य के रूप में इंडियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा नामित प्रतिनिधि, लघु उद्योग भारती द्वारा नामित प्रतिनिधि, अग्रणी जिला प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक को सदस्य तथा संयुक्त आयुक्त उद्योग सदस्य अथवा सचिव को नामित किया गया है।
