शाहजहांपुर (हि.स.)। जनपद शाहजहांपुर में मंगलवार को सदर तहसील सभागार पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि ट्रांसजेंडर के साथ भेदभाव करना दंडनीय अपराध है। इस करने वाले को दो वर्ष की सजा हो सकती है।
सचिव ओम पाल सिंह ने बताया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्ति भी अन्य नागरिको की तरह समान अधिकार रखते है। भारतीय संविधान व अन्य विधियों में भी ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को सारे अधिकार समान रूप से प्रदान किये गए है। उन्होंने बताया गया कि 10 जनवरी 2020 को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम 2019 को पूरे भारत में लागू किया गया था।
ओमपाल सिंह ने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा सुनिष्चित की गयी है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिनियम की धारा 5 के तहत जिला मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर ट्रांसजेंडर होने का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हे। यहीं नहीं अधिनियम की धारा 18 के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करना भी दण्डनीय अपराध है। ऐसा करने पर दो वर्ष की सजा हो सकती है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने यूपी राजस्व सहिंता संशोधन अधिनियम 2020 लागू किया है। उक्त अधिनियम में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को पैतृक कृषि भूमि का उत्तराधिकार प्राप्त है एवं भौतिक अधिकार प्रदान किये गये है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानूनी अधिकार के लिये यदि सम्बन्धित विभाग से ट्रांसजेंडर व्यक्ति को मदद नहीं मिलती है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष अपना प्रार्थना पत्र देकर कानूनी कार्यवाही के लिये निशुल्क अधिवक्ता की सहायता भी ले सकते है।
तहसीलदार सदर पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि ट्रांसजेंडर भी समाज का अंग है। उनको भी आम आदमी की तरह अधिकार प्राप्त है ।
UP News : ट्रांसजेंडर के साथ भेदभाव करने पर हो सकती है दो वर्ष की सजा
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