Wednesday, April 22, 2026
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UP News ; गंगा मईया ‘मुंडमाल परिक्रमा’ के जरिये पहनेगी वृक्षों की माला

गंगा हमारे देश, संस्कृति की पहचान व अमूल्य धरोहर : आनंदीबेन पटेल

प्रयागराज (हि.स.)। बुधवार से शुरू होने जा रही भारत की सबसे दुर्गम यात्रा, मुंडमाल गंगा परिक्रमा का मंगलवार को उद्घाटन प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान में हुआ। उप्र की राज्यपाल ने ऑनलाइन शुभारम्भ करते हुए कहा कि गंगा हमारे देश, संस्कृति की पहचान व अमूल्य धरोहर है। जीवनदायिनी गंगा भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक चिन्तन, जलवायु और अर्थव्यवस्था सभी पर अपनी अमिट छाप छोड़ती है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने राजभवन से ‘अतुल्य गंगा परियोजना’ के अन्तर्गत प्रयागराज से प्रारम्भ होकर 10 अगस्त, 2021 तक चलने वाली 5100 किमी पैदल परिक्रमा का आनलाइन शुभारम्भ करते हुए कहा कि गंगा के दोनों तटों पर वृक्षारोपण करती हुई गांवों और शहरों से गुजरने वाली भारत की सबसे लम्बी पदयात्रा से देश में गंगा सहित सभी नदियों के लिए व पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई ऊर्जा का संचार होगा। इस गंगा यात्रा से गंगा संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता व सहभागित भी बढ़ेगी। 
उन्होंने अपील किया कि हम सभी देशवासी प्राणदायिनी गंगा के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट को दूर करने के लिए एकजुट होकर इसे निर्मल बनाये रखने का प्रयास करें। राज्यपाल ने गंगा की मुंडमाल परिक्रमा के लिए सेना के पूर्व अधिकारियों, संरक्षक मण्डल के सभी सदस्यों एवं सहयोगी संगठनों के प्रयासों की सराहना की।
जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि वो इस यात्रा के साथ पूरे भाव से जुड़े हुए हैं और कदम पर यात्रियों का सहयोग देने के लिए वचनबद्ध है। वहीं उन्होंने खुद भी कुछ दिन यात्रा के साथ चलने का संकल्प लेते हुए यात्रा के शुभारम्भ पर बधाई दी।   पर्यटन व संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि उनका तो नदियों से पुराना नाता रहा है। नर्मदा परिक्रमा पैदल पूरी करने वाले प्रह्लाद पटेल ने कहा कि उनका इस यात्रा से जुड़ना उनका निजी स्वार्थ है। क्योंकि नदियों के साथ जुड़ना उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पसंद है। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्री होने के साथ-साथ वो इस यात्रा के साथ एक पर्यावरण प्रेमी और नदी प्रेमी होने की वजह से खासतौर पर जुड़े हैं। 
वरिष्ठ नेता, समाजसेवी और यात्रा के सलाहकार समीति के संयोजक योगेश शुक्ल ने प्रयागवासियों से इस यात्रा को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि यह यात्रा प्रयागराज से शुरू हो रही है। पिछले कई वर्षों से गंगा के लिए काम कर रहे योगश शुक्ल जो कई वर्षों से इस उद्देश्य को लेकर चल रहे हैं कि गंगा का जल जब तक गंगोत्री से गंगासागर तक आचमन के योग्य नहीं हो जाता है, तब तक हमें संघर्ष करते रहना है। 
 उन्होंने कहा जिस उद्देश्य के साथ यात्रा शुरू हो रही है वो राजनीति से ऊपर उठ कर जनभावना की बात है। इसलिए इस यात्रा के साथ भारत का नागरिक होने के नाते सभी को जुड़ना चाहिए।
  प्रयागराज की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पूरे प्रयागराज की तरफ से अतुल्य गंगा और यात्रा को करने वालों का आभार व्यक्त किया। अतुल्य गंगा के संस्थापक, पूर्व सैन्य अधिकारियों कर्नल मनोज केश्वर, ले.क हेम लोहुमी, सैन्य अभियंता गोपाल शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमने वृक्षमाल नाम से एक संकल्पना तैयार की है। जिसके तहत पूरी यात्रा के दौरान गंगा पथ पर बीज रोपे जाएंगे और 11 साल चलने वाले इस प्रोजेक्ट के जरिये इन बीजों का और इनके पौधों का ख्याल रखा जाएगा। 

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