संवाददाता
श्रावस्ती। जिले की एक अदालत ने वर्ष 2020 में किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 25 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त उसे 1.50 लाख रुपये के भारी जुर्माने की भी सजा दी गई।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 2020 में भिनगा कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि लखन तथा राजिंदर ने उसकी बेटी को बहला-फुसला कर ले जाकर अन्यत्र भेजा। लेकिन पूछताछ में किशोरी ने साफ़ कहा कि लखन-राजिंदर निर्दोष हैं। असली आरोपी है सन्नी उर्फ कृपाराम, जो किशोरी को बहला कर भगाकर बलरामपुर ले गया था और दुष्कर्म किए थे।
पुलिस ने किशोरी को बरामद कर विवेचना पूरी की और अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक रोहित गुप्ता ने अदालत को बताया कि साक्ष्यों से आरोपी दुष्कर्म का दोषी सिद्ध हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश निर्दोष कुमार ने सुनवाई के दौरान दोष साबित होने पर आरोपी को 25 साल की सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद का प्रावधान भी अदालत ने रखा।
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किशोरी से दुराचार का प्रयास
भिनगा पुलिस ने 22 जून को एक किशोरी को गन्ने के खेत में घसीटकर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी ने विरोध करने पर उसे पीटा, धमकाया और फरार हो गया। पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल रवाना किया।
पीड़िता गन्ने की नर्सरी की रखवाली कर रही थी, तभी आरोपी अजीजुर्रहमान उसे पकड़कर कपड़ा ठूंसकर खेत ले गया। दुष्कर्म में असफल होने पर उसने किशोरी को पीटा और जान से मारने की धमकी दी। किशोरी घर पहुंची तो परिजनों ने तत्काल थाने पहुंचकर उपाध्यक्ष रामजीत कुमार, प्रभारी निरीक्षक राज कुमार सरोज और आरक्षी सौरभ वर्मा की मौजूदगी में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी।
भिनगा पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को लालपुर चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई पीड़िता व समाज के न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
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