बिहार के नगरपालिका चुनाव से शुरू होगी मोबाइल से मतदान की व्यवस्था
मोबाइल से मतदान करने में किया जाएगा ब्लॉकचेन और फेस स्कैनिंग का इस्तेमाल
राज्य डेस्क
पटना। मोबाइल से मतदान शुरू करके भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नई और साहसिक पहल की शुरुआत हो गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की शक्ल बदल सकती है। मोबाइल से मतदान को अब वास्तविकता में बदलने की तैयारी की जा रही है और इस क्रांतिकारी कदम के लिए बिहार पहला राज्य बन गया है।
राज्य चुनाव आयुक्त दीपक प्रसाद ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि फ़िलहाल मोबाइल से मतदान की सुविधा को सीमित स्तर पर लागू करने की योजना है, जिससे दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाएं और प्रवासी मतदाता लाभान्वित हो सकें। यह सुविधा E-SECBHR ऐप के माध्यम से संभव होगी, जिसे CDAC द्वारा विकसित किया गया है।
50 हजार से अधिक मतदाता डालेंगे आनलाइन वोट
मोबाइल से मतदान करने वाला बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है! यह ई-वोटिंग 28 जून को बिहार के नगरपालिका चुनाव से शुरू होगी। इस प्रणाली के लिए 51,155 मतदाताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें 26,038 पुरुष और 25,117 महिला मतदाता शामिल हैं! पटना, पूर्वी चंपारण, रोहतास, गया, बक्सर, बांका, सारण और सिवान की नगरपालिकाओं में होने वाले इन चुनावों में सबसे ज़्यादा रजिस्ट्रेशन बक्सर से हुआ है। इस ई-वोटिंग का प्रयोग बिहार राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा है।

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E-वोटिंग से बदलेगा मतदान का तरीका
मोबाइल से मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए मतदाताओं को E-SECBHR नामक ऐप अपने एंड्रॉइड फोन में इंस्टॉल करना होगा, जिसमें वोटर आईडी लिंक कर पंजीकरण पूरा किया जाएगा। राज्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, आयोग को उम्मीद है कि आगामी दिनों में 50,000 से ज्यादा लोग इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
मोबाइल से मतदान के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी होंगे अभूतपूर्व
सबसे बड़ा सवाल यही है कि मोबाइल से मतदान में पारदर्शिता और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी? चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि इस प्रणाली में ब्लॉकचेन तकनीक, फेस स्कैनिंग, डिजिटल सिग्नेचर, और ऑडिट ट्रेल जैसे अत्याधुनिक उपाय अपनाए जाएंगे।
हर मोबाइल नंबर से केवल दो मतदाताओं को ही लॉगिन की अनुमति होगी और मतदाता पहचान पत्र की मदद से सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, जिन मतदाताओं के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे बिहार राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट से भी ई-वोट डाल सकेंगे।

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विशेष मतदाताओं को मिलेगा प्राथमिकता
मोबाइल से मतदान की सुविधा फिलहाल उन मतदाताओं तक सीमित रहेगी, जो किसी कारणवश मतदान केंद्र पर नहीं पहुंच पाते, जैसे वरिष्ठ नागरिक, विकलांग, गर्भवती महिलाएं, और काम के सिलसिले में बाहर रहने वाले लोग।
प्रयोग के तौर पर यह सुविधा पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण की छह नगर परिषदों में होने वाले शनिवार के चुनाव में देखी जा सकती है, जिससे इसका मूल्यांकन किया जाएगा।
मोबाइल से मतदान की शुरुआत से बदलेगा लोकतंत्र का भविष्य?
चुनाव विशेषज्ञों और डिजिटल तकनीकी जानकारों का मानना है कि मोबाइल से मतदान न केवल मतदान प्रतिशत बढ़ाएगा, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी को भी और मजबूत करेगा। खासकर युवा, व्यस्त या दूर-दराज के मतदाताओं को अब यह सुविधा उनके हाथ में मौजूद फोन से मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि इस प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू करने से पहले कई चरणों में परीक्षण, फीडबैक और कानूनी बदलाव जरूरी होंगे।

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