Tuesday, January 13, 2026
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कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में छात्रा से गैंगरेप!

टीएमसी छात्र संगठन से आरोपी के जुड़ाव पर उठे गंभीर सवाल

पीड़िता से शादी का प्रस्ताव रखा था छात्रा से गैंगरेप के मुख्य आरोपी मनोजीत ने

राज्य डेस्क

कोलकाता। राजधानी के एक लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप की घटना ने न केवल शहर, बल्कि पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। साउथ कोलकाता स्थित इस लॉ कॉलेज में तीन युवकों ने एक छात्रा को गार्ड रूम में बंद कर दुष्कर्म किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा का नाम तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई से जुड़ा हुआ पाया गया, जिसके चलते यह मामला अब सीधे राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा रहा है।

छात्रा से गैंगरेप की यह वारदात 25 जून की शाम को अंजाम दी गई। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता शाम करीब साढ़े सात बजे कॉलेज में फॉर्म से संबंधित काम से गई थी। इसी दौरान मोनोजीत मिश्रा नाम के युवक ने उसे कॉलेज में रुकने के लिए कहा और फिर दो अन्य युवकों के साथ मिलकर उसे ग्राउंड फ्लोर स्थित गार्ड रूम में बंद कर दिया।

पीड़ित ने FIR में लिखाया है कि मनोजीत ने उसके साथ शादी करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने मना कर दिया था। इसके बाद मनोजीत ने दो अन्य आरोपियों ने मुझे गार्ड रूम में बंद किया! मैंने उनके पैर पकड़कर खूब मिन्नत की किंतु वे नहीं माने और तीनों ने लगातार तीन घंटे तक छात्रा से गैंगरेप किया।

कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में छात्रा से गैंगरेप की घटना
कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप मामले ने खड़ा किया सियासी बवाल

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पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसने आरोपियों के पैर पकड़कर विनती की कि वे उसे छोड़ दें, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। इतना ही नहीं, पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया, तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।

छात्रा से गैंगरेप करने वाले तीनों आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने उन्हें 10 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इनमें से मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा 31 वर्षीय है, जो कॉलेज का पूर्व छात्र था और संस्थान से अस्थायी रूप से जुड़ा हुआ था। अन्य दो आरोपी जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20) वर्तमान छात्र हैं। पुलिस ने तीनों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं ताकि वीडियो फुटेज की जांच की जा सके।

मामले में TMC की संलिप्तता ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई के प्रमुख तृणकुर भट्टाचार्य ने स्वीकार किया कि मोनोजीत मिश्रा कभी संगठन का जूनियर सदस्य था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज में उनकी छात्र इकाई सक्रिय नहीं है। वहीं टीएमसी का कहना है कि पार्टी इस घटना को लेकर बेहद दुखी है और आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में छात्रा से गैंगरेप!
कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप का मुख्य आरोपी मनोजीत

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इस मामले पर भाजपा ने जोरदार हमला बोला है। पार्टी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि छात्रा से गैंगरेप की घटना चौंकाने वाली और निंदनीय है, और इसमें एक तृणमूल समर्थक का नाम सामने आना राज्य सरकार की नाकामी को दर्शाता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि विधानसभा में बलात्कारियों को फांसी देने वाले ’अपराजिता विधेयक’ को पारित करने में भाजपा ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक महिला का शरीर राजनीति का युद्ध का मैदान नहीं है, बल्कि उसे सम्मान मिलना चाहिए।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा है। आयोग ने पीड़िता को मानसिक, कानूनी और चिकित्सा सहायता देने तथा त्वरित न्याय दिलाने की मांग की है। आयोग ने यह भी कहा है कि पीड़िता को तत्काल मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए।

कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में छात्रा से गैंगरेप!
कोलकाता का ला कालेज जहां छात्रा से गैंगरेप को दिया गया अंजाम

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कॉलेज प्रशासन की ओर से उप प्राचार्या डॉ. नयना चटर्जी ने स्वीकार किया कि मोनोजीत मिश्रा कॉलेज का पूर्व छात्र था और उसे कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने अस्थायी नियुक्ति दी थी। घटना के बाद से कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

छात्रा से गैंगरेप की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि यह राजनीतिक, प्रशासनिक और नैतिक जवाबदेही का भी परीक्षण है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और राजनीति से ऊपर उठकर न्याय दिलाना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। फिलहाल पीड़िता न्याय की आस लगाए बैठी है, लेकिन यह देखना शेष है कि इस मामले में सियासी शोर के बीच इंसाफ की आवाज कितनी बुलंद होती है।

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