Friday, March 27, 2026
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एमएलके पीजी कॉलेज में कथक नृत्य कार्यशाला का समापन

अम्बुज भार्गव

बलरामपुर। बिरजू महाराज कथक संस्थान संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश एवं एमएलके पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सातदिवसीय ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला का समापन समारोह रविवार को महाविद्यालय सभागार में धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने छः दिनों में सीखे कथक नृत्य की प्रस्तुति दी।

समारोह का शुभारंभ एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जेपी पाण्डेय के निर्देशन में कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. एसपी मिश्र, मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी भूपेंद्र सिंह बजाज, विशिष्ट अतिथि स्पिक मैके की वाईस चेयरपर्सन डॉ. नीरजा शुक्ला, विशिष्ट अतिथि प्रो. वीणा सिंह और कार्यशाला संयोजक लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रो. एसपी मिश्र ने कहा कि नृत्य आनंद का विषय है और कथक नृत्य सिर्फ आनंद का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति का भी एक सशक्त माध्यम है। इसमें सुर, ताल, लय और शरीर के विभिन्न भागों का समन्वय ही नृत्य को संपूर्ण बनाता है।

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एमएलके पीजी कॉलेज में कथक नृत्य कार्यशाला का समापन
एमएलके पीजी कॉलेज में उपस्थित मुख्य अतिथि

मुख्य अतिथि भूपेंद्र सिंह बजाज ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए कथक संस्थान और एमएलके पीजी कॉलेज के प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरजा शुक्ला और प्रो. वीणा सिंह ने भी प्रतिभागियों की प्रस्तुति की सराहना की और कथक गुरु के अथक प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने गुरु द्वारा सिखाए गए नृत्य को पूरे मनोयोग से सीखा और यह उनकी प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से झलकता है।

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कथक गुरु हर्षिता चौहान ने कथक नृत्य की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नृत्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। कथक नृत्य शरीर को लचीला बनाता है, तनाव कम करता है और एक अच्छी मुद्रा को बढ़ावा देता है। यह कला न केवल शारीरिक रूप से फिट रहने में मदद करती है बल्कि यह संवाद और कहानियों को अभिव्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

एमएलके पीजी कॉलेज में कथक नृत्य कार्यशाला का समापन
एमएलके पीजी कॉलेज में नृत्य की प्रस्तुति

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कार्यशाला संयोजक लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान ने सभी का स्वागत करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने कार्यशाला में सीखे प्रणाम, गुरु वंदना, तत्कार, अराल हस्त, हस्तक और टुकड़ा जैसी मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें उपस्थित दर्शकों ने बेहद सराहा। कथक गुरु हर्षिता चौहान ने ‘भजे बृजेकमंडलम’ पर कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर कथक गुरु और प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में डॉ. के के सिंह, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. सुनील कुमार शुक्ल, शैलेंद्र श्रीवास्तव, वालेंटियर संजीत गुप्ता और श्री ओम कसौंधन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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