संवाददाता
गोंडा। गायत्री परिवार के संस्थापक युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य कहते थे कि मैं रहूं या न रहूं किन्तु यह मिशन चलते रहना चाहिए। यह बात गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक भूपेंद्र प्रकाश आर्य ने उनकी 32वीं पुण्य तिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बीते दो जून 1990 को पूज्य गुरु जी ने अपना स्थूल शरीर त्याग दिया था किन्तु वह आज भी हम सबका मार्गदर्शन करते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि युगपुरुष पंडित श्रीराम शर्मा जिन्हें लोग प्रेम और सम्मान से ’आचार्य जी’ पुकारते थे, एक द्रष्टा और समाज सुधारक थे। उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना की। उनका जन्म 20 सितम्बर 1911 को आगरा के आंवलखेड़ा गांव में एक ज़मींदार व भगवत् कथाकार श्री रूपकिशोर शर्मा के घर हुआ था। महामना पं. मदनमोहन मालवीय जी से उन्होंने काशी में गायत्री-मंत्र की दीक्षा ली और अध्यात्म के लिए स्वयं को समर्पित कर 24 वर्षों तक जौ की रोटी और गाय के दूध की छाछ पर 24-24 लाख गायत्री महामंत्र के महापुरश्चरण सम्पन्न किया। वर्ष 1927 से 1933 तक स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और वे महात्मा गांधी के अत्यंत निकट हो गए। 1942 के ’भारत छोड़ो आंदोलन’ के समय शर्मा जी को तत्कालीन संयुक्त प्रांत (उत्तर तथा मध्य प्रदेश) का प्रभारी नियुक्त किया गया। उन्होंने अपने जीवन में तकरीबन 3200 से ज्यादा पुस्तकें लिखीं और जीवन के उत्तरार्द्ध के 8-10 वर्षों में ‘ग्लोकोमा’ के कारण उनके दोनों नेत्रों की ज्योति जाती रही। उस अवस्था में भी उन्होंने पांच पुस्तकें बोलकर लिखवाईं। आचार्य जी में सृजन की इतनी विलक्षण क्षमता थी कि उन्होंने करोड़ों भावनाशील लोगों को जोड़ कर विशाल गायत्री परिवार का संगठन हरिद्वार में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अपने इष्ट पर पूर्ण श्रद्धा और विश्वास बनाए रख कर उनके द्वारा सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन कई गुना अधिक शक्ति से करने में संलग्न हो जाना चाहिए और परम पूज्य गुरुदेव को आश्वासन देना चाहिए कि हम आपके अमृत वचन ‘सत्य परेशान तो हो सकता है, पर कभी भी पराजित नहीं होता है’ पर पूर्ण विश्वास है।

इस अवसर पर गायत्री परिवार द्वारा सदग्रंथ स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसके प्रथम चरण में जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार, जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि चंद्र त्रिपाठी व महामंत्री रितेश यादव को, डीआईजी स्टांप मनोज कुमार श्रीवास्तव को जन-जन तक गुरुदेव के विचार पहुंचाने हेतु गुरुदेव का युग साहित्य भेंट किया गया। इस कार्यक्रम में गायत्री परिवार के जिला सह संयोजक व बार एसोसिएशन गोंडा के महामंत्री रितेश यादव एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरी शंकर चतुर्वेदी एडवोकेट एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय विक्रम सिंह मौजूद रहे।

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महत्वपूर्ण सूचना
गोंडा जिले के युवा जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार और नवागत सीडीओ गौरव कुमार की अगुवाई में जिले में बड़े बदलाव की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दोनों युवा अधिकारी Transforming Gonda के नारे के साथ जिले के चाल, चरित्र और चेहरे में आमूल चूल परिवर्तन लाना चाहते हैं। जिले के विकास के लिए शुरू की गई अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं इसी दिशा में किए जा रहे कोशिशों का परिणाम है। आगामी 21 जून को जब पूरा विश्व योग दिवस मना रहा होगा, तब योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्म स्थली पर इन दोनों अधिकारियों ने कुछ विशेष करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य है कि जिले की बड़ी आबादी को उस दिन योग से जोड़ा जाय। इस क्रम में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए जनपद के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए YOGA DAY GONDA नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जरूरी सूचनाएं, गतिविधियों आदि की जानकारी व फोटोग्राफ इत्यादि इसी पेज पर शेयर किए जाएंगे। कृपया आप इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हुए इससे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पेज को LIKE करें तथा अपने परिचितों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
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जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
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