संवाददाता
बहराइच। जिले की एक अदालत ने सात साल पूर्व हुई एक गर्भवती महिला की हत्या के मामले में उसके पति को आजीवन कारावास और उसके ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फिरोज अहमद खां ने रविवार को बताया कि रामगांव थाना अंतर्गत किशुनपुर मीठा गांव निवासी संगीता की शादी खैरीघाट थाना अंतर्गत पिपरिया गांव के रंगीलाल से 2010 में हुई थी। संगीता को उसके ससुराल के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। अभियोजन के अनुसार, संगीता के भाई सहज राम ने 21 फरवरी 2014 को खैरीघाट थाना में तहरीर देकर संगीता के पति एवं उसके ससुराल के अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था कि 20 फरवरी 2014 को उसकी गर्भवती बहन संगीता की गला दबाकर हत्या कर दी गयी। एडीजीसी फिरोज अहमद ने बताया कि जिस समय संगीता की हत्या हुई, उस समय उसके गर्भ में कन्या भ्रूण था। अभियोजन के अनुसार, शनिवार को अपर जिला न्यायाधीश नितिन पांडेय ने रंगीलाल को हत्या के दोष में उम्र कैद एवं 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने संगीता के जेठ पैकरमा यादव, उसके ससुर राधेलाल और उसकी सास लज्जावती को भी सात-सात वर्ष की कैद तथा 12-12 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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