संवाददाता
गोंडा। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा मोचक बल और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में भूकंप से बचाव एवं राहत विषयक पर मॉकड्रिल किया गया। बताते चलें कि भूकंप आपदा पर आधारित संयुक्त अभ्यास एनडीआरएफ और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर एम्स इंटरनेशनल स्कूल में मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। एनडीआरएफ के कमांडेंट मनोज शर्मा के कुशल दिशा निर्देशन में एनडीआरएफ समन्वयक व मुख्य एजेंसी के तौर पर रही। इस कार्यशाला में तमाम विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि इस मेगा मॉक ड्रिल अभ्यास का संपूर्ण नेतृत्व एनडीआरएफ के उप कमांडेंट प्रेम कुमार पासवान के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर गोपी गुप्ता द्वारा संचालित किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्य की तैयारी जांचना एवं विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय स्थापित करना था। मॉक ड्रिल की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। 12 बजकर 10 मिनट पर अचानक स्कूलों की आपातकालीन घंटी बजी। छात्रों को भूकंप आने की सूचना दी गई। चूंकि छात्र पहले से ही प्रशिक्षित हैं कि भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए। इसलिए वे घबराए नहीं, बल्कि सावधानी से डेस्क के नीचे सर ढ़ककर बैठ गए और डेस्क को कसकर पकड़ लिया। भूकंप थमने के बाद छात्र खुले स्थान पर इकट्ठा हुए, जहां उनका हेड काउंट किया गया। यह ड्रिल करीब 45 मिनट तक चलता रहा। इस दौरान स्कूल में एनडीआरएफ के 39 बचाव कर्मी मौजूद थे। ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार स्कूल में पहुंचे। सूचना पाकर इंस्पेक्टर गोपी गुप्ता के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। इसी बीच सूचना मिलती है कि कुछ लोग बिल्डिंग के ऊपरी मंजिल में फंसे हुए हैं, जहां पहुंचना बहुत ही मुश्किल था। परंतु एनडीआरएफ की रोप रेस्क्यू टीम के बचाव कर्ता रोप तकनीकों का इस्तेमाल कर बिल्डिंग के ऊपरी मंजिल पर पहुंचकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। एनडीआरएफ की टीम का यह कार्य देखते ही बन रहा था। लोगों ने इसकी बहुत प्रशंसा की।

इसी दौरान सूचना मिलती है कि बिल्डिंग के भूतल में भी कुछ लोग फंसे हैं। एनडीआरएफ की सीएसएसआर टीम के बचावकर्ता अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए दीवार को काटकर पीड़ितों तक पहुंचे। उनको फर्स्ट एड दिया और सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल के लिए रवाना किया। ड्रिल की समाप्ति के बाद सभी एजेंसियों को जिलाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मॉक ड्रिल सक्षम ने दिखाया कि पूरी टीम वास्तव में आपदा का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया जाए तो हम आपदा के दौरान काफी लोगों की जान बचा सकते हैं। साथ ही ऐसे आयोजन एन.डी.आर.एफ को बच्चों के समक्ष एक कैरियर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, जिला आपदा विशेषक राजेश कुमार श्रीवास्तव, स्वास्थ्य विभाग की संबंधित टीम, स्कूल के ओनर मतलूब हुसैन खान एवं प्रबंधक खुशी पांडे शिक्षक सरेस खान, अतुल कुमार, एनडीआरफ के उप कमांडेंट प्रेम कुमार पासवान, इंस्पेक्टर गोपी गुप्ता, इंस्पेक्टर सुधीर कुमार, एसआई राम दयाल तथा अग्निशमन विभाग के संबंधित अधिकारी गण एवं अन्य रेस्क्यू के लोग उपस्थित रहे।

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जानकी शरण द्विवेदी
