शिक्षा की लूट पर फूटा गोंडा मंडल का गुस्सा!
फीस रेगुलेशन बिल के समर्थन में चलेगा प्रदेश व्यापी हस्ताक्षर अभियान
संवाददाता
गोंडा। फीस रेगुलेशन बिल को लेकर गोंडा में छात्र संगठनों का आक्रोश उबाल पर है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं ने सिंचाई विभाग डाक बंगले में देवीपाटन मंडल (गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच) के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक Powerful बैठक की और सरकार से स्पष्ट मांग रखी कि निजी स्कूलों की फीस की मनमानी अब नहीं चलेगी।
फीस रेगुलेशन बिल: निजी स्कूलों की गुंडागर्दी पर रोक जरूरी
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरे प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों द्वारा खुलेआम लूट की जा रही है। नर्सरी जैसी शुरुआती कक्षाओं के नाम पर लाखों रुपये की फीस वसूली जा रही है और प्रशासन मौन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अभिभावक मानसिक रूप से परेशान हैं, लेकिन सामाजिक दबाव के कारण खुलकर कुछ कह नहीं पा रहे हैं।
प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान
फीस रेगुलेशन बिल की मांग को लेकर संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में एक हस्ताक्षर अभियान चला रहा है। उद्देश्य है कि हर नागरिक इस अभियान का हिस्सा बने और सरकार पर दबाव बनाया जाए कि उत्तर प्रदेश में एक सख्त कानून लाया जाए, जिससे आम अभिभावकों को राहत मिल सके।
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न्याय पंचायत स्तर तक फैलेगा आंदोलन
गोंडा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ला ने कहा कि गोंडा जिले की हर न्याय पंचायत में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। गांव-गांव चौपाल लगाकर लोगों को बताया जाएगा कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उनका अधिकार है और निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ एकजुट होना ही पड़ेगा।
श्रावस्ती में स्कूलों के बाहर होगा प्रदर्शन
श्रावस्ती जिला अध्यक्ष कीर्ति वर्धन तिवारी ने बताया कि उनके जनपद में शिक्षा का स्तर अभी भी पीछे है और वहां जनजागरूकता की बेहद आवश्यकता है। इसलिए प्रत्येक चौराहे और स्कूलों के बाहर प्रदर्शन करके अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा कि कैसे निजी विद्यालयों द्वारा फीस की मनमानी की जा रही है।
बहराइच में नुक्कड़ नाटक और डिजिटल आंदोलन
बहराइच जिला अध्यक्ष सार्थक टेंडर ने कहा कि वे नुक्कड़ नाटक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान के ज़रिए गांव-गांव जाकर इस मुद्दे को उठाएंगे। उनका उद्देश्य है कि लोगों को यह समझाया जाए कि फीस रेगुलेशन बिल सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि आम जनता के हक की आवाज़ है।

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निर्णायक स्वरूप लेता आंदोलन
बैठक में शामिल प्रमुख कार्यकर्ता जैसे रंजीत पांडेय, प्रिंस गुप्ता, प्रांजल मिश्रा, शुभम तिवारी, आलोक गुप्ता, अमर, नीरज मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा, प्रभात शुक्ला और गुलशन शुक्ला आदि की उपस्थिति ने इस आंदोलन को संगठित और निर्णायक रूप दे दिया है। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सरकार तत्काल फीस रेगुलेशन बिल लाकर निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाए।
शिक्षा व्यापार नहीं, अधिकार है
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए जरूरी है कि फीस रेगुलेशन बिल लागू हो। इस आंदोलन ने यह संदेश दिया है कि अब अभिभावक चुप नहीं बैठेंगे। जनता को सस्ती, गुणवत्ता युक्त शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है और उसे इससे मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।
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